बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘टॉयलेट- एक प्रेम कथा’ के शीर्षक और उसमें नंदगांव-बरसाना की परंपराओं को तोड़ने के विरोध में संत समाज एकजुट हो गया है। सोमवार को बरसाना के कटारा पार्क में अष्टसखियों के गांवों के लोगों की महापंचायत हुई। इसमें वृंदावन के चतु: संप्रदाय के अध्यक्ष फूलडोल बिहारी दास महाराज ने फिल्म के डायरेक्टर की जीभ काट कर लाने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने का एलान किया है।
महापंचायत में बरसाना, राधारानी की अष्टसखियों के गांव चिकसौली, ऊंचागांव, गाजीपुर, संकेत, ढभाला, कमई करहला, रीठौरा, राकौली और हाथिया के सैकड़ों लोग शामिल हुए। इसमें वृंदावन से आए संतों ने डायरेक्टर नारायण सिंह की फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की कड़ी आलोचना की और सभी ने फिल्म के शीर्षक पर विरोध जताया। महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज ने कहा कि निर्माताओं ने फिल्म का शीर्षक टॉयलेट एक प्रेम कथा चुना है। इसे टॉयलेट एक स्वछता अभियान नाम क्यों नहीं दिया।
महंत हरिबोल महाराज ने कहा कि फिल्म निर्माता अपने स्वार्थ के लिए हमारे इष्ट राधा-कृष्ण के धाम में इस शीर्षक को लेकर आए हैं। यह प्रेम की भूमि है, यहां हम प्रेम से संबंधित शीर्षक ही मान्य करेंगे। यदि शीर्षक नहीं बदला गया तो फिल्म की शूटिंग नहीं होने देंगे। महंत स्वामी आदित्यानंद ने कहा कि ब्रज में परंपराओं को लेकर हिंदू-मुस्लिमों में भी कोई भेद नहीं है। सभी ब्रज की पौराणिक परंपराओं का सम्मान करते हैं। अब ये लोग हमारी संस्कृति से खिलवाड़ कर रहे हैं।
महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे चतु: संप्रदाय के अध्यक्ष फूलडोल बिहारीदास महाराज ने प्रोड्यूसर से कहा कि या तो फिल्म का नाम बदल लो, नहीं तो हम शूटिंग नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए अपनी जान की कीमत ही क्यों न देनी पड़े। उन्होंने निर्देशक की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने तक की घोषणा कर दी। महापंचायत के दौरान ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता घनश्याम राज भट्ट, श्रीजी मंदिर के सह मंदिर रिसीवर मनमोहन गोस्वामी, मंदिर सेवायत संजय गोस्वामी, भगत सिंह क्रांति दल के पदम फौजी आदि मौजूद थे। संचालन श्रीदाऊजी मंदिर के रिसीवर आरके पांडेय ने किया।
निर्देशक ने स्पष्ट की फिल्म की कहानी
फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकथा के निर्देशक नारायण सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि यह फिल्म नायिका प्रधान और महिला सशक्तिकरण व स्वछता अभियान पर आधारित है। फिल्म बरसाना और नंदगांव के रिश्तों पर नहीं है। फिल्म के अंदर एक ही गांव के नाम का उल्लेख है। धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। हम किसी की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे। इस दौरान फिल्म की टीम के लोग मौजूद थे।