Saint Premanand: संत प्रेमानंद ने स्वास्थ्य कारणों से अपनी रात दो बजे की पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी, लेकिन जब गुरुवार को आश्रम जाते समय भक्तों ने उनकी कार पर पुष्पवर्षा की, तो वे कार से नीचे उतरे और कुछ दूर पदयात्रा की।
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने अपने श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए गुरुवार रात रमणरेती क्षेत्र में कार से उतरकर पैदल चलकर भक्तों को दर्शन दिए और आशीर्वाद दिया। जैसे ही उनकी कार श्रीराधाकेलि कुंज आश्रम की ओर बढ़ी, रास्ते में पहले से बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने जयकारे लगाते हुए पुष्पवर्षा की।
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संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों की श्रद्धा और उत्साह को देखकर कार रोक दी और वहीं से पैदल चलकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। आश्रम तक के इस छोटे से पैदल सफर में उन्होंने रास्ते में खड़े भक्तों से मुलाकात की, उनका हालचाल पूछा और सभी को अपना आशीर्वाद दिया।
भक्तों के लिए भावुक पल
संत प्रेमानंद के इस सरल और स्नेहपूर्ण व्यवहार ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। भक्तों का कहना था कि महाराज का पैदल चलकर दर्शन देना उनके लिए अविस्मरणीय पल था। एक भक्त ने कहा कि महाराज ने हमारे बीच आकर हमें जो आशीर्वाद दिया, वह हमें जीवन भर याद रहेगा।