भीड़ में मची हलचल, लेकिन टला संकट
घटना के बाद कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को तुरंत संभाल लिया। संत प्रेमानंद महाराज ने स्वयं सभी को शांत रहने का संदेश देते हुए पदयात्रा को आगे बढ़ाया। उनके संयम और शांति के संदेश से लोगों में फिर से विश्वास बहाल हुआ और यात्रा बिना किसी और बाधा के जारी रही।
इधर इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पदयात्रा आयोजकों पर सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर श्रद्धालुओं ने चिंता व्यक्त की है। प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।