मथुरा। थाना फरह क्षेत्र की कोह गांव पंचायत के प्रधान को फर्जी मुठभेड़ में जेल भेजना हाथरस जिले की पुलिस को भारी पड़ गया। सीजेएम ने फरह थाने में सादाबाद के थाना प्रभारी निरीक्षक, एसओजी प्रभारी समेत समेत 12 नामजद तथा 10-15 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के आदेश दिए हैं।
गांव कोह के प्रधान हरेंद्र सिंह ने बताया कि सादाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव, एसआई सत्यवीर सिंह, राधाकृष्ण, रणजीत सिंह, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार, राजेश कुमार, सिपाही अरविंद कुमार, योगेश, नीलेश कुमार, धीरज कुमार, चालक विकास बाबू और हाथरस एसओजी प्रभारी धीरज गौतम 24 फरवरी की तड़के उन्हें घर से गिरफ्तार करके ले गए। उनके साथ पुलिस ने गांव रहीमपुर निवासी केशव और गांव गढ़ाया निवासी भोला व एक अन्य को भी उठाया था। अगले दिन बिसावर क्षेत्र में उनके ऊपर फर्जी लूट का मामला बताते हुए मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखा दी। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें अलीगढ़ जेल भेज दिया। जेल में वह 12 दिन तक रहे। इसके बाद उन्हें जमानत मिली। इधर 25 फरवरी को ही प्रधान के पिता गजेंद्र सिंह सीजेएम कोर्ट में इस मामले की शिकायत की। साथ ही फर्जी लूट के मामले में गिरफ्तार करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। मंगलवार को सीजेएम उत्सव गौरव राज ने सभी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवचना के आदेश फरह पुलिस को दिए हैं।