मोहिनी एकादशी पर शनिवार को वृंदावन के मंदिरों और देवालयों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए गए। सुबह से शाम तक मंदिरों में ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धालुओं ने पंचकोसीय परिक्रमा लगाकर यमुना स्नान भी किया।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सायंकालीन बेला में भव्य फूलबंगला सजाया गया। बंगले में विराजमान ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन के लिए भक्त लालायित दिखे। इस दौरान मंदिर प्रांगण ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर मंदिर, राधा श्याम सुंदर मंदिर, राधारमण मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, राधासनेह बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर आदि में सुबह से ही अपने आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ने लगे।
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ब्रज में एकादशी का महत्व बताया
श्रीमद्भागवत शोध संस्थान, डा. मनोजमोहन शास्त्री फाउंडेशन, श्रीनाथ जी सेवा संस्थान और हनुमंत आराधना मंडल के संयुक्त तत्वावधान में मोहिनी एकादशी पर शनिवार को ब्रज में एकादशी के महत्व पर संगोष्ठी हुई।
इसमें सर्व ब्राह्मण महसभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव डा. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि पांच ज्ञानेंद्रिय, पांच कर्मेंद्रिय और एक मन इन ग्यारह को मिलाकर अपने आराध्य के चरणों में जोड़ना ही एकादशी है। ब्राह्मण महासभा के संरक्षक पं. सुरेशचंद्र शर्मा ने भी विचार रखे। इस दौरान रामविलास चतुर्वेदी, डा. देवेंद्रनाथ शास्त्री, मीरा शास्त्री मुरारी थोकदार, महेश भारद्वाज, पद्मनाभ शास्त्री, अशोक व्यास आदि मौजूद रहे।