बरसाना। मंगलवार दोपहर बिजली आपूर्ति बाधित होते ही राधारानी रोपवे का कंट्रोल सिस्टम फेल हो गया। एक साथ संचालित हो रहीं तीन ट्राॅलियां प्रभावित हो गईं। एक ट्राॅली करीब 30 मीटर की दूरी तय करते हुए कंट्रोल फ्री होकर वापस स्टेशन की ओर बैक आ गई। ट्राॅली में देश के गृह मंत्री अमित शाह के रिश्तेदार सवार बताए जा रहे थे। रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई।
बिजली जाते ही ट्राॅली का ऑटोमैटिक कंट्रोल निष्क्रिय हो गया और वह बिना नियंत्रण के पीछे की ओर खिसकने लगी। स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों ने तत्काल आपात ब्रेक और मैनुअल सिस्टम का इस्तेमाल कर ट्राॅली को सुरक्षित रोका। घटना ने रोपवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद रोपवे का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। रोपवे बंद होने से मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को सीढि़यों से लौटना पड़ा। वर्तमान में रोपवे में कुल छह ट्राॅलियां हैं, जिनमें से एक समय में तीन ट्राॅलियां संचालित की जाती हैं। पहले भी बिजली जाने पर ट्राॅली बैक आ चुकी हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब बिजली आपूर्ति बाधित होने पर राधा रानी रोपवे में इस तरह की स्थिति बनी हो। इससे पूर्व भी बिजली जाने के कारण ट्राॅली कंट्रोल से फ्री होकर बैक आ चुकी है। उस समय भी सुरक्षा कारणों से रोपवे को कई दिनों तक बंद रखना पड़ा था। सात दिन के बाद चालू हुए रोपवे में फिर से सामने आई तकनीकी कमी सवाल खड़े कर रही है। एक फरवरी से सात फरवरी तक रोपवे में व्यापक सुधार कार्य कराया गया था।
इस दौरान आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की मौजूदगी में तकनीकी जांच कर ट्रालियों की संख्या 12 से घटाकर 6 कर दी गई थी। इसके बावजूद बिजली जाते ही कंट्रोल सिस्टम का फेल होना और ट्राॅली का बैक आना गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है।