परिवहन विभाग को 10 नईं बसें मिल गईं हैं, लेकिन ग्राणीण क्षेत्रों के मार्गों पर इनका संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की लापरवाही का खामियाजा अब ग्रामीण यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। मथुरा डिपो को 10 नई बसें आवंटित हो गई हैं, लेकिन इनका संचालन अभी तक गांवों के लिए शुरू नहीं हो पाया है। नतीजा यह है कि ग्रामीण इलाकों से शहर और अन्य मार्गों पर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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छाता के रहने वाले किशन चंद ने बताया कि रोजाना कामकाज के लिए शहर आना-जाना पड़ता है, लेकिन पर्याप्त बसें न होने से वे या तो घंटों इंतजार करते हैं या फिर निजी वाहनों का महंगा किराया चुकाने को मजबूर हैं। जबकि रोडवेज के पास अब बसों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद भी इन्हें अभी तक रूट पर नहीं उतारा गया। अधिकारियों की ओर से न तो संचालन की कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही ग्रामीण रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है। खासकर सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
सवाल यह है कि सीएम के आदेश के बावजूद भी बसों के संचालन में इतनी देर क्यों की जा रही है। एआरएम मदन मोहन शर्मा का कहना है कि जल्द ही बसों का संचालन शुरू होगा। 30 और 42 सीटर बसें भी आने वाली हैं। इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया जाएगा।