बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश का भाजपा में जाना रालोद के लिए एक बड़ा झटका है। पूरन प्रकाश का क्षेत्र में अच्छा-खासा प्रभाव है। विधायक का बेटा जिला पंचायत का चुनाव सबसे ज्यादा वोटों से जीता था।
बलदेव से विधायक पूरन प्रकाश के पिता मास्टर कन्हैया लाल दो बार गोवर्धन विधानसभा से और एक बार गोकुल विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।
उनका बेटा पंकज प्रकाश भी जिला पंचायत के चुनाव में सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले सदस्य बने थे। ये पूरा कुनबा सियासी माना जाता है। बलदेव और गोवर्धन विधानसभा में इस परिवार का खासा प्रभाव है। बलदेव विधानसभा सुरक्षित सीट है जिससे पूरन प्रकाश मौजूदा विधायक हैं। उनके जाने के बाद अब रालोद किसी मजबूत प्रत्याशी की तलाश करेगा लेकिन पूरन प्रकाश को टक्कर दे पाना उतना आसान नहीं रह पाएगा।
भाजपा से टिकट मांगने वालों में बढ़ी धुकधुक
पूरन प्रकाश ने रालोद छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने से कई लोगों की धड़कन बढ़ गई है। हालांकि पूरन प्रकाश ने तो अभी इलेक्शन के बारे में कुछ नहीं बताया है लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें टिकट जरूर देगी। अब जाहिर सी बात है कि बलदेव सीट से टिकट मांगने वालों में बेचैनी बढ़ जाएगी। बताया जाता है कि इस सीट से भाजपा से टिकट मांगने वालों की फेहरिस्त भी लंबी थी। दो पूर्व विधायक भी इस सीट से लाइन में हैं। एक जिला पंचायत सदस्य भी अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।