शेरगढ़ क्षेत्र में खेतों में भरा यमुना का पानी।
मथुरा। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि अधिकारी अभी भी स्थिति को खतरे से बाहर बता रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार रात से जलस्तर उतरना शुरू हो जाएगा।
यमुना में ओखला बैराज से पिछले दिनों छोड़ा गया पानी मथुरा पहुंच गया है। इससे यहां प्रयाग घाट पर जलस्तर खतरे के निशान 166 मीटर से नीचे 164.91 मीटर पर चल रहा है। यह चेतावनी चिह्न 165 मीटर से मात्र नौ सेंटीमीटर नीचे है। यहां सुबह आठ बजे से शाम तक यही जलस्तर बना हुआ है। इधर यमुना के तटीय इलाकों व खादर की कॉलोनियों में पानी घुसना शुरू हो गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सोमवार शाम ताजेवाला के हथिनीकुंड बैराज से 4,459 और ओखला बैराज से 15,693 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। वहीं गोकुल बैराज से 39,511 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। यहां अपस्ट्रीम में जलस्तर 162.95 एवं डाउनस्ट्रीम में 162.90 मीटर पर है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन नवीन कुमार के अनुसार, ओखला से पूर्व में छोड़ा गया पानी मथुरा पहुंच गया है। इससे जलस्तर बढ़ गया है। यह जलस्तर मंगलवार रात से कम होना शुरू हो जाएगा। तटीय इलाकों में पानी घुसने की सूचना है लेकिन कोई खतरनाक स्थिति प्रतीत नहीं हो रही है।