नौहझील। नौहझील में झीलों को पुराने अस्तित्व में लाने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। सोमवार को राजस्व टीम ने नौहझील में झीलों की जमीन की पैमाइश शुरू की। 7-8 घंटे चली पैमाइश के बाद राजस्व टीम द्वारा झीलों की आठ हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कब्जा मुक्त जमीन को तत्काल प्रधान के सुपुर्द कर मेड़बंदी कराई गई। बता दें कि मांट तहसील के अंतर्गत राजस्व रिकार्ड में 42.7 हेक्टेयर जमीन झीलों के नाम दर्ज है।
पिछले चार वर्ष से झीलों की जमीन को कब्जा मुक्त करा कर उनको पुराने अस्तित्व में लाने की कवायद चल रही है। तत्कालीन डीएम सर्वज्ञराम मिश्र के निर्देश पर झीलों की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की पहल शुरू हुई थी। तभी से हर वर्ष झीलों को कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अभी तक झीलों की जमीन पूरी तरह कब्जा मुक्त नहीं हो सकी हैं। सोमवार को झीलों की पैमाइश के दौरान प्रधान प्रशांत गुप्ता के अलावा शिकायतकर्ता खान चंद पाठक व बांके लाल शर्मा भी मौजूद रहे।
राजस्व टीम में ये रहे शामिल
झीलों की पैमाइश के दौरान राजस्व टीम में राजस्व निरीक्षक राकेश शर्मा, लेखपाल चेतनस्वरूप दीक्षित, चरन सिंह, चांद सईद, विनोद कुमार शामिल रहे।
सरकार की मंशा के अनुरूप ब्लॉक स्तर पर जल संरक्षण करने वाले सभी स्थलों को खाली कराया जा रहा है। इसमें नौहझील की झीलें भी शामिल हैं। झीलों को पुराने अस्तित्व में लाने का प्रयास किया जाएगा।
- ऋषिपाल सिंह, बीडीओ नौहझील