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Mathura News: जड़ों से जुड़े जनप्रतिनिधि, अपने पैतृक गांव से ही बने मतदाता

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मथुरा। जिले के जनप्रतिनिधियों ने अपने आशियाने भले ही शहर में बसा रखे हों मगर एसआईआर अभियान में उन्होंने वोट अपने गांव में ही बनवाया है। नेताओं का कहना है कि वह अपने लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं।
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2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है लेकिन मांट क्षेत्र में राजनीतिक हलचल जोर पकड़ चुकी है। नौहझील ब्लाॅक के गांव ढा़लगढ़ी में सपा नेता संजय लाठर द्वारा एसआईआर फार्म भरने के बाद मुकाबला इस बार दिलचस्प होता नजर आ रहा है। मूल रूप से जींद (हरियाणा) निवासी लाठर 2017 और 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि जीत नहीं मिली लेकिन दोनों चुनावों में उन्होंने कड़ी चुनौती पेश की थी। इस बार उन्होंने पत्नी बबिता लाठर और बड़े बेटे आदित्य लाठर के साथ फार्म भरते हुए संकेत दिए कि यदि पार्टी टिकट देगी तो वह 2027 में फिर मैदान में उतरेंगे।
वहीं भाजपा से वर्तमान विधायक राजेश चौधरी ने भी अपने पैतृक गांव सद्दीकपुर से परिवार सहित एसआईआर फार्म भरा है। उनका घर भले ही राधिकापुरम स्टेट में हो लेकिन राजनीतिक तौर पर उन्होंने अपने गांव से ही दावेदारी मजबूत की है। पूर्व मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने भी पचहरा गांव से परिवार सहित फार्म भरा है। वे भले ही बसपा से निष्कासित हों, मगर किसी अन्य दल से या निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं।
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राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता योगेश नौहवार ने भी अपने पैतृक गांव पारसौली से परिवार सहित एसआईआर फार्म भरकर चुनावी तैयारी तेज कर दी है। नौहवार 2012 और 2017 के चुनाव भी लड़ चुके हैं। 2017 में वे बेहद कम अंतर से हारे थे। प्रमुख दलों सपा, भाजपा, रालोद और पूर्व मंत्री गुट के दिग्गजों के पैतृक गांव नौहझील क्षेत्र में होने के कारण यहां राजनीतिक चर्चा बनी रहती है। ऐसे में सपा नेता संजय लाठर के ढा़लगढ़ी से फार्म भरने के बाद मुकाबला और तीखा होने के आसार हैं।
साल 2022 में भाजपा के राजेश चौधरी ने आठ बार के विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा को हराकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। फिलहाल भाजपा और लोकदल का गठबंधन है, ऐसे में मांट विधानसभा पर टिकट भाजपा के हिस्से में आने के आसार हैं। हालांकि गठबंधन टूटा तो योगेश नौहवार भी ताल ठोक सकते हैं। कुल मिलाकर 2027 का चुनाव मांट में रोचक रहने वाला है। इसी तरह अन्य दलों के नेताओं ने भी अपने पैतृक गांव में ही वोट बनवाने को तरजीह दी है।


गणना प्रपत्र जमा कराने की अंतिम तिथि आज

गणना प्रपत्र भरने की निर्धारित तिथि आज समाप्त हो रही है। अधिकारी तिथि बढ़ाने का दावा कर रहे हैं। अब तक चारों विधानसभा छाता, गोवर्धन, बलदेव, मथुरा, मांट में 99 फीसदी तक एसआईआर फॉर्म का काम पूरा किया जा चुका है। फीडिंग और मैपिंग का कार्य चल रहा है। शत-प्रतिशत कार्य के लिए प्रशासन ने मैपिंग व फीडिंग के कार्य पर जोर देना शुरू कर दिया है। मैपिंग और फीडिंग का करीब 85 फीसदी कार्य हो चुका है। एडीएम एफआर डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि फिलहाल तिथि बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में 11 दिसंबर ही अंतिम मान कर कार्य कर रहे हैं।
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