श्यामा जू अपने भक्तों के बीच सोमवार को हरियाली तीज पर राधारानी मंदिर परिसर में स्थित श्वेत संगमरमर की छतरी में अपने प्रियतम श्यामसुंदर के साथ पधारेंगी। करुणा की सागर अपने भक्तों पर असीम प्रेम की करुणा बरसाएंगी। किशोरी जू वर्ष में तीन बार छतरी में नीचे आती हैं।
हरियाली तीज पर अपने बरसाना की छवि निहारने, भक्तों को सुख समृद्धि प्रदान करने और ऋतुओं के अनुसार हरियाली का आनंद लेने के लिए अपने प्रियतम के साथ महल से नीचे उतर कर संगमरमर की छतरी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देकर आनंदित करती हैं। गोस्वामी समाज पद गायन में ‘गौर श्याम धारन को झूलत लहरिया लहरें लेत, ‘श्री वृषभानु की पौरि रच्यौ है आज हिंडोलना का गायन किया जाएगा।
संगमरमर की यह छतरी 150 वर्ष प्राचीन हैं। इसके निर्माण की सेवा ग्वालियर के रीवा स्टेट के पदासीन राजा न की थी। छतरी की साफ-सफाई का कार्य वर्तमान में श्रीबरसाना धाम फाउंडेशन की ओर से कराया जा रहा है। गोस्वामी युवा दल के सदस्य छतरी की सफाई कर रहे हैं।