यमुना में श्रद्धालुओं के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नए सुरक्षा मानक तय किए गए हैं, जिसके तहत अब नाव और मोटरबोट के बाहरी हिस्से में लाल रंग की लकीर बनाई जाएगी। यह लकीर ही नाव में बैठने वाली सवारियों की क्षमता तय करेगी, जिससे पता चल सकेगा कि नाव में क्षमता से अधिक सवारी हैं नहीं।
अक्सर नाविक अधिक कमाई के लालच में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठा लेते हैं, जिससे इनके संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने नाव के बाहरी हिस्से में उसकी सतह से एक निश्चित ऊंचाई पर गहरे लाल रंग की लकीर खींची जाएगी। सवारी बैठने के बाद यह लाल निशान पानी में डूब जाएगा तो पता चल जाएगा कि नाव ओवरलोड है। नई व्यवस्था के तहत न केवल नाविक बल्कि श्रद्धालु भी सजग रहकर खतरे वाली नाव में बैठने से बचेंगे।
नावों का सुरक्षित होगा संचालन
नावों के सुरक्षित संचालन के लिए नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति को सक्रिय किया गया है। यह समिति नाव संचालन की नियमित निगरानी करेगी। यह भी देखेगी कि नाविक नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। समिति का कार्य लाल निशान को देखना भी होगा। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह का कहना कि समिति को सक्रिय किया गया है। बिना सुरक्षा मानकों के नावों का संचालन नहीं होगा।