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चार वर्ष बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष- कर्मचारियों से वसूली की कार्रवाई शुरू

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मथुरा। नगर पालिका के एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) संचालन में वर्ष 2014-15 में हुई अनियमितता की जांच के बाद नगर विकास मंत्रालय के निर्देश पर पूर्व पालिका अध्यक्ष समेत कर्मचारियों से 1.74 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। जांच में तत्कालीन डीएम ने वसूली के निर्देश दिए थे।
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वर्ष 2014-2015 में नगर पालिका द्वारा एसटीपी संचालन का टेंडर फरीदाबाद की एक कंपनी को दिया था। इस कंपनी में तकनीकी खामी होने के बाद भी इसे ठेका दे दिया। इसकी शिकायत पूर्व सभासद हेमंत अग्रवाल ने मंडलायुक्त से की थी। इसकी जांच डीएम के निर्देश पर एडीएम ने की थी। जांच में मामला सही पाया गया।
इसके बाद तत्कालीन डीएम ने पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता, अधिशासी अधिकारी केपी सिंह, अवर अभियंता जलकल केआर सिंह, सहायक अभियंता उदयराज सिंह, लेखाकार विकास गर्ग व लिपिक जलकल विभाग टुकेश शर्मा को दोषी माना और सभी से कंपनी को भुगतान की गई धनराशि 1.74 करोड़ रुपये की वसूली की संस्तुति मंडलायुक्त से की थी।
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मंडलायुक्त ने इसे नगर विकास मंत्रालय भेज दिया। जब कार्रवाई नहीं हुई तो वर्तमान पार्षद उमेश भारद्वाज ने लोकायुक्त से शिकायत की। इसके बाद हाईकोर्ट व एनजीटी तक पहुंचने के बाद मामला फिर से नगर विकास मंत्रालय के पाले में आ गया।
अब मंत्रालय के निर्देश पर नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने अकेंद्रीयकृत कर्मचारी रिटायर्ड बाबू टुकेश शर्मा से वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य से वसूली की कार्रवाई नगर विकास मंत्रालय द्वारा की जाएगी। उमेश भारद्वाज का कहना है कि वह मंत्रालय से जल्द ही कार्रवाई करने का अनुरोध करेंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि टुकेश शर्मा रिटायर्ड हो चुके हैं। फिर भी विधिक राय लेने के बाद वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
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