खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को नगर में संचालित आइस एवं आइसक्रीम की गई फैक्ट्रियों में छापे मारे। कहीं पर कच्ची बर्फ जमाने के सांचे जंग से अटे पड़े थे तो कहीं आइसक्रीम में उन पदार्थों को मिलाया जा रहा था जो जमीन पर बिखरे पड़े थे। टीम ने पांच फैक्ट्रियों को बंद करा दिया है।
खाद्य सुुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नंदगांव रोड पर रंजीत आइस फैक्ट्री, बठैन रोड पर जेएमबी, गोपाल नगर में श्रीराम, गोपाल बाग पर कैला देवी फैक्ट्री और नानक आइस फैक्ट्री छाता में मानक के अनुसार काम नहीं हो रहा था। कच्ची बर्फ जमाने के सांचे में जंग लगी थी। आइसक्रीम में मिलाए जाने वाले पदार्थ जमीन पर बिखरे पड़े थे। प्लांट में गंदगी के थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जेएमबी आईस फैक्ट्री, श्रीराम आईस फैक्ट्री ने पानी तक की जांच नही कराई है। टीम ने इन फैक्ट्रियों को बंद करा दिया है। इंप्रूवमेंट नोटिस देते हुए 14 दिनों में लाइसेंस और जवाब दाखिल करने की हिदायत दी है। टीम ने दो फैक्ट्रियों से आइसक्रीम और आइसकैंडी के नमूने भी लिए हैं।
एक साल बाद सक्रिय हुआ विभाग
सुरीर में दूषित आइसकैंडी से बच्चों की मौत के बाद ही खाद्य विभाग कार्रवाई करने निकला है। पिछली कार्रवाई करीब एक साल पहले की गई थी। एक फैक्ट्री संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभागीय अधिकारी समय-समय पर अपना सुविधा शुल्क ले जाते है, घटना होने के बाद परेशान करने की नीयत से कार्रवाई करते है। अगर पहले ही मानकों को ध्यान में रखकर कार्रवाई करें तो यह नौबत नही आएगी। इस संबध में खाद्य सुुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर जांच की जाती है।