डोली भूमि गिरत दसकंधर। छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर॥
धरनि परेउ द्वौ खंड बढ़ाई। चापि भालु मर्कट समुदाई॥
कृष्णनगरी में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व ‘विजयादशमी’ अपार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रीरामलीला सभा के तत्वाधान में महाविद्या स्थित मैदान पर आयोजित लीलाओं को देख दर्शक अभिभूत हो गए।
अहिरावण द्वारा राम और लक्ष्मण का हरण, रथ में सवार राम और रावण की सेनाओं के बीच संग्राम और अंत में विभीषण के इशारे पर रावण की नाभि पर प्रहार के साथ ही अहंकारी, आतंकी रावण के अंत को देख लोग आनंदित हो उठे। चहुंओर प्रभु श्रीराम की जय-जयकार से वातावरण गूंज रहा था।
सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम ने अपने अनुज लक्ष्मण के साथ महाविद्या देवी की स्तुति की। यहां से मां का आशीर्वाद लेकर रणभूमि में पहुंचे दशरथ कुमारों का अहिरावण ने धोखे से हरण कर लिया। प्रभु श्रीराम की खोज में निकले पवनपुत्र हनुमान श्रीराम और लक्ष्मण को वापस लाए।
90 फुट लंबे रामसेतु पर राम और रावण की सेनाओं के बीच घोर संग्राम हुआ। इस बीच आकर्षक आतिशबाजी ने समां बांध दिया। इस दौरान रावण का अट्टहास और पुतलियों का चलना कौतूहल पैदा कर रहा था। रथ पर सवार राम और रावण की सेना के महासंग्राम ने रोमांच पैदा कर दिया।
अंत में विभीषण के इशारे पर प्रभु श्री राम ने रावण की नाभि के अमृत को सुखाने के लिए अग्निबाण का प्रयोग किया। इसी के साथ रावण और अहिरावण के पुतले दहक उठे। चहुंओर प्रभु श्रीराम की जय-जयकार होने लगी। उत्साह में वानर सेना की उछलकूद ने दर्शकों को आनंदित कर दिया।
मेला की व्यवस्थाओं में सभापति उमेश चंद्र अग्रवाल, प्रधानमंत्री बनवारी लाल गर्ग, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, रविकांत गर्ग, चेयरमैन मनीषा गुप्ता, कन्हैया लाल बजाज, विजय कुमार, दीपक कुमार, अजय कुमार, रामगोपाल शर्मा, जमुना प्रसाद गर्ग, वीरेंद्र अग्रवाल, विनोद गर्ग आदि थे।
आतिशबाजी से सतरंगी हुआ आसमान
दशहरा मेला में रावण और अहिरावण के पुतला दहन से पहले आकर्षक आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान कई बार आसमान सतरंगी हो गया।
महावन और गोकुल में फूंके पुतले
महावन और गोकुल में रामलीला के तहत रावण का पुतला दहन किया गया। रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक राम-रावण का युद्ध देखने आए थे। कमेटी के किशन बाबू शर्मा, नीतेश अग्रवाल, पारस अग्रवाल आदि व्यवस्थाओं में लगे थे। गोकुल में रावण का पुतला दहन के दौरान सुनील शर्मा, डिंपल शर्मा, पवन सरदार आदि उपस्थित थे।