स्वामीनारायण मंदिर के समीप राशन कब मिलने की जानकारी पर पहुंची पुलिस उपभोक्ता को समझाती हुई।
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मथुरा। राशन वितरण के दूसरे दिन भी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर अव्यवस्थाएं हावी रहीं। कहीं घटतौली पर हंगामा हुआ तो नेटवर्किंग फेल होने पर कार्डधारकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण अंचल में तो सर्वर ने काम नहीं किया। इस स्थिति की जानकारी अधिकारियों ने राज्य मुख्यालय लखनऊ को दी।
एक अप्रैल से शुरू हुआ राशन के वितरण में नेटवर्किंग बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। वितरण के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी इस समस्या से निजात नहीं मिल सकी। शहर में सर्वर स्लो चला तो देहात में अधिकांश समय ठप रहने से राशन का वितरण ही नहीं हो सका। इसके अलावा दुकानदारों द्वारा की जा रही घटतौली की शिकायत सबसे अधिक मिली। कठौती कुआं में इसे लेकर हंगामा हो गया।
कार्डधारकों ने आरोप लगाया कि पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। इसकी रसीद भी नहीं दी जा रही है। यहां कोरोना वायरस से बचने के भी कोई प्रबंध नजर नहीं आए। भीड़ जुटी हुई थी। दूरी का भी किसी को कोई ख्याल नहीं था। कृष्णापुरी में भी एक किलो कम गेहूं दिया जा रहा था। जयसिंहपुरा वार्ड 33 में 15 किलो गेहूं के स्थान पर 12 और 12 किलो के स्थान पर 10 किलो गेहूं मिलने का आरोप शकीला ने लगाया है। शहर के अन्य स्थानों पर भी निर्धारित मात्रा में राशन न मिलने पर गत दिवस भी हंगामा हुआ था। लोग आरोप लगा रहे है कि कार्ड से अनेक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।
गांव रायपुर में ग्राम प्रधान दिगंबर सिंह ने शिकायत की है कि अंत्योदय के सभी लाभार्थियों को राशन दुकानदार द्वारा नहीं दिया जा रहा है। पक्षपात किया जा रहा है। गांव ईखू में भी ग्राम प्रधान कुमकुमवाला ने भी निर्धारित मात्रा में राशन न देने का आरोप दुकानदार पर लगाया है।
तहसील के गांव फालैन में निर्धारित मात्रा के अनुरूप राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है। यहां दुकानदार यूनिट के मुताबिक कम राशन कार्डधारकों को दे रहे हैं। गांव विशंभरा में भी यही स्थिति है। यहां तो 50 प्रतिशत कम राशन दिया जा रहा है। दुकानदार की शिकायत करने वालों को कार्ड धारक को धमकी दी जा रही हैं। इसकी शिकायत पर उच्च स्तर पर भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप नारायण, समीन, करिश्मा, जीनत, रवी और राजेंद्र आदि ने लगाया है।