रामवृक्ष यादव की डीएनए रिपोर्ट सोमवार को भी पेश नहीं हो सकी। इस मामले में जेल में बंद आरोपी प्रेमचंद न्यायालय में पेश हुआ। आरोपी ने अपनी पत्रावली अलग करने की गुहार लगाई है।
जयगुरुदेव आश्रम निवासी रवि सुरेश चंद्र दवे ने वर्ष 2011 में न्यायालय के आदेश पर थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रामवृक्ष यादव सहित कई लोगों पर जानलेवा हमला करने और मारपीट करने के आरोप थे। दो जून 2016 को जवाहरबाग कांड के बाद पुलिस ने न्यायालय को बताया कि रामवृक्ष यादव की मृत्यु हो गई है। इस पर न्यायालय ने रामवृक्ष और उसके बच्चों के डीएनए जांच कराने के आदेश दिए थे।
इस मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायालय नवम विवेकानंद शरण त्रिपाठी के न्यायालय में रिपोर्ट पेश की जानी थी।
इस पर जेल में करीब एक साल से बंद प्रेमचंद्र निवासी गोरखपुर न्यायालय में पेश हुआ। प्रेमचंद के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि हमने न्यायालय में सुनवाई के लिए पत्रावलि अलग करने का प्रार्थना पत्र दिया है, जिसे मंजूर कर लिया गया है। इधर, सहायक शासकीय अधिवक्ता रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को डीएनए जांच रिपोर्ट पेश नहीं की है। अब अगली सुनवाई अब 31 मार्च को होगी।