श्रीरामलीला सभा के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीलामंच पर शुक्रवार को मुकुट पूजन और स्वरूपों को वर्ण बंधन बांधकर रामलीला का शुभारंभ किया गया। शाम को शहर में भगवान गणेश की शोभायात्रा निकली, जिसका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत हुआ। सबसे आगे विघभनहर्ता गणेश की सवारी तो सबसे पीछे श्रीरामलीला के स्वरूपों की सवारी चल रही थी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लीला मंच पर सुबह वैदिक विधि से मुकट पूजन किया गया। आचार्य अनिल कुमार शर्मा ने वर्ण बंधन किया। संरक्षक गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, सभापति उमेश अग्रवाल प्रेस वाले, प्रधानमंत्री बनवारी लाल गर्ग, अशोक कुमार बंसल सर्राफ , अशोक गुडेरा, सर्वेश शर्मा, सुनील अग्रवाल, अजय अग्रवाल मास्टर ने लीलामंच पर मंत्रोच्चारण के साथ राम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघभन, हनुमान आदि स्वरूपों के मुकुटों का पूजन किया।
शाम को शहर में निकली गणेशजी की शोभायात्रा का शुभारंभ जन्मभूमि से हुआ। शोभायात्रा में गणेशजी की सवारी, माखन चोर लीला, विष्णु भगवान शेषनाग पर, भरत के तीर से हनुमान जी उड़ते हुए, नृत्य करते शिव-पार्वती, हनुमानजी रामायण लिखते हुए आदि झांकियां थीं। बैंडबाजों के साथ भक्तिगीतों की की मधुर धुन बज रही थी।
यात्रा पर जगह-जगह पुष्प बरसाए गए। लोगों ने विघभनहर्ता की आरती उतारी। चौक बाजार, होलीगेट, कोतवाली रोड, दरेसी रोड से होती हुई शोभायात्रा से शुभारंभ स्थल पर पहुंची। जुगल बैंक वाले, कन्हैयालाल बजाज, जमुना प्रसाद गर्ग, विजय शर्मा, जय गर्ग, योगेश कुमार, मोहित कुमार आदि साथ चल रहे थे।
तुलसी चरित्र लीला आज
रामलीला सभा के मीडिया प्रभारी विपुल पारिक ने बताया कि 24 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीलामंच पर शाम को तुलसी जीवन चरित्र लीला का मंचन होगा।