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‘प्रसिद्ध नहीं सिद्ध है मथुरा की रामलीला’

Fri, 27 Nov 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
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केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के उपक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, दिल्ली के मुक्त आकाशीय मंच पर मथुरा के कलाकारों ने ‘धनुष भंग’ लीला प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री डा. महेश शर्मा उपस्थित रहे।
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शुभारंभ मंत्री डा. महेश शर्मा, आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी और कार्यक्रम संयोजक मोहनस्वरूप भाटिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। डा. महेश शर्मा ने श्रीराम, लक्ष्मण, मुनि विश्वामित्र के स्वरूपों और व्यासपीठ पर विराजे श्यामसुंदर चतुर्वेदी को माला पहनाईं। इसके बाद आरती की।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा, आदर्श चरित्र और लोक-कल्याणकारी भावना से प्रेरणा प्राप्त करके ही देश में रामराज्य की स्थापना की जा सकती है। मोहनस्वरूप भाटिया ने कहा कि 175 साल पुरानी मथुरा की रामलीला देशभर में प्रसिद्ध ही नहीं सिद्ध रामलीला है।
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इस अवसर पर देश के विभिन्न प्रदेशों और विदेशों से आए कला समीक्षक, ब्रज कला केंद्र के महामंत्री विष्णु गोयल और दिल्ली के साहित्यकार व नाटककार उपस्थित थे। ‘धनुष भंग’ लीला में राम की भूमिका गोपाल चतुर्वेदी, लक्ष्मण की आकाश शर्मा, मुनि विश्वामित्र की विवेक भैयाजी ने निभाई।

परशुराम की भूमिका में नितिन, रावण की भूमिका में लेबाबू चतुर्वेदी पेटल, राजा की में अवधेश, जनक की में बद्री थे। इसके अतिरिक्त अनिकेत शर्मा, प्रमोद चतुर्वेदी, सर्वेश, बनवारी, मोनू, दीपक शर्मा, अशोक शर्मा, अतुल चतुर्वेदी, नितिन शर्मा और विपिन गौड़ के अभिनय का सराहा गया।  समापन पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की संयुक्त सचिव विनीता जोशी और डा. मौल्ली कौशल ने आभार व्यक्त किया।
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