नोटिस में क्या कहा गया
नोटिस में कहा गया कि ‘आपका जो मकान बना हुआ है वह रेलवे की जमीन पर है। यह अतिक्रमण के दायरे में आता है। इस अतिक्रमण को अविलंब हटा लें। यदि नहीं हटाया तो रेलवे प्रशासन को हटाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।’ यह नोटिस 6 फरवरी को चस्पा किए गए हैं। उधर, नोटिस मिलने के बाद बस्ती वालों में खलबली मच गई है।
पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि शुरुआती प्रक्रिया के तहत नोटिस दिए हैं। ताकि, लोगों को मालूम रहे कि उन्हें वहां से हटना है। हमने प्रशासन को पत्र लिखा है। उसमें इन सभी को अन्यत्र स्थानातंरित किए जाने की बात कही है।
रेलवे प्रशासन बताए, उसकी कौन से खसरे की जमीन है
बस्ती को उजड़ने से बचाने के लिए नई बस्ती संघर्ष समिति तैयार की गई है। संयोजक याकुब शाह ने बताया कि बुधवार को उन्होंने डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया है। हमने रेल प्रशासन से मांग की है कि यदि उसकी जमीन है तो वह अपना खसरा संख्या बताए। रेलवे तमाम पत्राचार के बाद भी इस संबंध में कोई जबाव नहीं दे रहा है। प्रदर्शन करने वालों में गफ्फार अब्बास एडवोकेट, याकूब शाह, परवेज आलम, अब्दुल अशफाक, यामीन, मुन्ना, सईद अहमद, वकील, बबलू आदि मौजूद रहे।