फोटो 9 मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक।
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मथुरा। कोरोना वायरस को लेकर बरती जा रही सतर्कता के मद्देेनजर जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले ही जनपद में लोगों ने आवाजाही रोक दी है। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के आवागमन को छोड़ सन्नाटा छाया रहा। भीड़ के दबाव से जूझने वाली ट्रेनों में शनिवार को भीड़ नजर नहीं आई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 22 मार्च को एक दिन के जनता कर्फ्यू का आह्वान किया है। अपील की है कि इस दिन कोई भी व्यक्ति घरों से न निकले। यह कोरोना वायरस से लड़ने की तैयारी के लिए जनता का एक संकल्प है। इस अपील का असर जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले ही मथुरा में साफ नजर आया। रेलवे स्टेशनों पर भीड़-भाड़ नहीं दिखाई दी। ट्रेनों को आवागमन के समय को छोड़ दें तो सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले मथुरा जंक्शन और मथुरा छावनी रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा रहा।
दिल्ली-आगरा और राजस्थान की ओर से आने वाली ट्रेनों में भीड़ का दबाव भी नहीं था। कासगंज मथुरा आने वाली आगरा फोर्ट पैसेंजर में भी भीड़ नजर नहीं आई, जबकि इस पैसेंजर में प्रत्येक दिन मारामारी रहती है। यही स्थिति अन्य पैसेंजर ट्रेनों की थी। कासगंज और भरतपुर से आने वाली ट्रेनों में मथुरा के यात्रियों में अधिकांश दैनिक यात्री ही दिखाई दिए। हालांकि बाहर शहरों में रह रहे लोग भी अपने घरों की ओर भी लौटते नजर आए। रेलवे के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को ट्रेन में यात्रियों की संख्या कम रही है। दैनिक यात्री टिकट भी कम बिके हैं।