मथुरा। मथुरा से वृंदावन तक ट्रेन में यात्रा के लिए बने 11.8 किलोमीटर के रेल ट्रैक पर 140 स्थानों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। करीब छह माह पूर्व सेटेलाइट और ड्रोन से किए गए सर्वे में ये कब्जे सामने आए। रेलवे की टीम ने भौतिक सत्यापन किया तो पता चला कि रेलवे की जमीन पर लोगों ने पक्के मकान तक बना लिए हैं। इस जानकारी के बाद भी रेलवे के अफसर सो रहे हैं। अभी तक जमीन को कब्जा मुक्त करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
मथुरा जंक्शन से वृंदावन तक 11.8 किलोमीटर की मीटर गेज रेलवे लाइन पर एक रेल बस चलाई जाती है। इस रेल बस में अधिकांश श्रद्धालु ही सफर करते हैं। रास्ते में नौ स्थानों पर रेलवे फाटक हैं। फाटक आने से पहले चालक रेल बस को रोकता है और खुद फाटक बंद कर रेल बस को निकालता है। फाटक को पार करने के बाद चालक ही फाटक खोलता है।
इस ट्रैक के आसपास आबादी बसी है। लोगों ने स्थायी और अस्थायी निर्माण कर लिए हैं। छह माह पूर्व सर्वे हुआ तो अवैध कब्जों की हकीकत सामने आई। भौतिक सत्यापन के लिए गई टीम ने नापजोखा की तो पता चला कि घरों में बने आगे के कमरे भी रेलवे की जमीन पर हैं। सर्वे रिपोर्ट के सामने आने के बाद अवैध कब्जे चर्चा का विषय है लेकिन इन्हें हटाने की दिशा में अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ है।
चार स्टेशन ----
मथुरा जंक्शन, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मसानी, वृंदावन
नौ रेलवे फाटक ----
रेलवे अस्पताल फाटक, सौंख अड्डा फाटक, श्रीकृष्ण जन्मस्थान फाटक, गोविंद नगर फाटक, मसानी फाटक, धौरेरा फाटक, चैतन्य विहार फाटक, परिक्रमा मार्ग फाटक, विद्यापीठ फाटक
मथुरा-वृंदावन के बीच रेल बस का संचालन मंडलीय स्तर पर है। अवैध कब्जों के संबंध में सर्वे भी मंडल स्तर पर हुआ है। मुझे यहां आए अधिक समय नहीं हुआ है। यदि कब्जे हैं तो उन्हें हटाने की दिशा में भी कार्ययोजना बनाई गई होगी।
ज - रवि प्रकाश, रेलवे डायरेक्टर
मेट्रो के लिए होने वाली बैठक टली
मथुरा। मथुरा-वृंदावन मीटर गेज रेल लाइन पर मेट्रो चलाने की तैयारी है। इसे लेकर रेलवे और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने तैयारी की है। दो माह पूर्व रेल राज्य मंत्री, रेलवे के अधिकारी और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हुई थी लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। बैठक में तय हुआ था कि रेलवे और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों की बैठक सात सितंबर को मथुरा में होगी। सोमवार को रेलवे के अधिकारी मथुरा नहीं पहुंचे। इस कारण बैठक टल गई। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रेल ट्रैक पर जमीन पर अथवा पुल बनाकर मेट्रो अथवा अन्य ट्रेन चलाई जाएगी, इस पर निर्णय होना है। सोमवार को बैठक नहीं हो सकी। शीघ्र ही बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।