पुनीत शर्मा यूपी की सियासत में कांग्रेसी रंग भरने निकले राहुल गांधी ब्रज में तो आ रहे हैं लेकिन कृष्ण जन्म स्थली नहीं जा रहे हैं। अयोध्या में रामलला और अब मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि से उनकी दूरी को खालिस सियासी चाल माना जा रहा है। राहुल गांधी का जो मिनट टू मिनट जारी हुआ है उसके मुताबिक कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वारिकाधीश के दर्शन करके कांग्रेस फतह का आशीर्वाद मागेंगे। इसके बाद ही रोड शो किया जाएगा।
प्रदेश भर में किसान यात्रा लेकर घूम रहे राहुल गांधी शुक्रवार यानी 30 सितंबर को ब्रज भूमि में डेरा डाल देंगे। पहली अक्तूबर को वह अपना रोड शो शुरू करने के लिए मथुरा में निकलेंगे। संतों से भी मुलाकात की जाएगी। होलीगेट और इस्लामिया इंटर कालेज पर संक्षिप्त सभा भी रखी गई है। राहुल गांधी अपने रोड शो की शुरूआत भगवान द्वारिकाधीश के दर्शनों से करेंगे। वह करीब पंद्रह मिनट मंदिर में रहेंगे। यमुना पूजन के कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं। बांकेबिहारी के दर्शनों का कार्यक्रम भी टाल दिया है। एसपीजी भी इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को परख रही है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि मथुरा आ रहे राहुल गांधी श्री कृष्ण जन्मस्थान पर नहीं जाएंगे। अभी तक जो उनका कार्यक्रम जारी हुआ है उसमें कहीं कान्हा के जन्मस्थान का जिक्र नहीं है। कार्यक्रम अचानक बदल जाए तो अलग बात है। बताया जा रहा है कि 9 सितंबर को जब राहुल गांधी अयोध्या पहुंचे थे तब भी उन्होंने रामलला से दूरी बनाए रखी थी। जबकि अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन किए थे। वहां के संतों ने जब राममंदिर निर्माण का जिक्र छेड़ा तो मुस्कुराकर वहां से निकल आए थे। उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला। उस वक्त कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि विवादित स्थल होने के कारण राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वहां नहीं गए थे। वहीं राहुल गांधी जिस शहर में भी जा रहे हैं वहां के धार्मिक स्थलों पर पूजा करने जरूर पहुंचते हैं। अब तक प्रदेश में जहां भी उनकी सभाएं हुईं हैं वहां के धार्मिक स्थलों पर वह पहुंचे हैं। लेकिन अयोध्या में रामलला और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान से राहुल दूरी बनाए हुए हैं। श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि राहुल गांधी के आने का कोई प्रोग्राम समिति को फिलहाल नहीं मिला है।