फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहुल की आंखों से यूपी कांग्रेस ने देखा सत्ता का सपना

Mon, 21 Sep 2015 11:58 PM IST
हिमांशु त्रिपाठी
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र की सत्ता से एक झटके में बाहर हुई कांग्रेस को अब कार्यकर्ताओं के नजदीक जाने की जरूरत महसूस हुई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वह कार्यकर्ताओं को सैनिक मानते थे, लेकिन अब सभी को वह परिवार का सदस्य मानते है। मिशन 2017 फतह करने का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा दूरियां मिटानी हैं और कार्यकर्ताओं के यह महसूस कराना है कि वह हमारे परिवार के सदस्य हैं।
विज्ञापन


 राहुल के संबोधन के ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के संघर्षों को याद कर यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री की तारीफ की और कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पहले हर संघर्ष में लाठी झेलने के लिए खड़े नजर आते हैं। यह ऐसे सेनापति हैं जो बल्कि साथ साथ जंग लड़ते हैं।

इसके बाद राहुल गांधी ने माइक संभालते ही सेनापति और सैनिक की बात शुरू की। उन्होंने कहा कि कोई न सिपाही है न ही सेनापति, सभी कार्यकर्ता हमारे परिवार का हिस्सा हैं, इसी सोच के साथ काम करना है। उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि संवादहीनता की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, हर कार्यकर्ता को अपने परिवार के सदस्यों सा समझें। ऐसा होने पर मिशन 2017 फतह हो जाएगा।
विज्ञापन


राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में जीत के लिए मेरा जितना भी समय चाहिए, मैं दूंगा। कांग्रेस की विचार धारा पर सही काम करने से पार्टी यूपी की सत्ता में आ जाएगी। कांग्रेस के प्रतिनिधि सम्मेलन में  पल भर में सिलसिलेवार प्रतिक्रियाएं आईं और श्रीप्रकाश जायसवाल से लेकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी तक ने कहा कि इस वक्तव्य से हमसब में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

डीएनए में कांग्रेस
राहुल ने जब कहा कि यहां बैठे सभी लोगों के डीएनए टेस्ट में कांग्रेस निकलेगी तो हॉल तालियों से गूंज पड़ा। पदाधिकारियों में जोश का संचार हुआ और उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में जीत के लिए संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने युवा पदाधिकारियों को जनसंपर्क और गांव-गांव में मीटिंग कर विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आहृवान भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें