पालिका की ओर से निजी भागेदारी में बनवाए गए शौचालय अब पान और खिलौनों की दुकान बन गए हैं। ढकेल और फड़ लगाने वालों ने इन्हें कब्जा लिया है। हद तो ये है कि इन्हें उपयोगी बनाने की चिंता निर्माण करने वाली एजेंसी और पालिका तक को नहीं है।
करीब सात साल पहले तत्कालीन पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय ने आगरा की एजेंसी एलेक्स एडवरटाइजमेंट के साथ अनुबंध करते हुए मथुरा शहरी क्षेत्र में शौचालयाें का निर्माण कराया था। प्रशासनिक अफसरों के आग्रह पर एजेंसी ने जनसुविधा के क्षेत्र में यह जिम्मेदारी भी ले ली। इसके बदले में प्रशासनिक अफसरों से वृंदावन में कई मुनाफे के काम एजेंसी को हाथ लगे, लेकिन मथुरा शहरी क्षेत्र में शौचालयों का निर्माण करने वाली एजेंसी ने इनके संचालन से हाथ झाड़ लिए।
ऐसी स्थित शहर में करीब 12 प्रमुख स्थानों पर बने शौचालय बेसहारा हो गए। हालांकि वर्तमान नगर पालिका प्रशासन ने संबंधित एजेंसी को शौचालय संचालन के लिए कई नोटिस जारी किए लेकिन एजेंसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। ऐसे में विकास बाजार, स्टेट बैंक चौराहा सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर बने इन शौचालयों को ढकेल और फड़ वालों ने कब्जा लिया। किसी ने इसके बाहर खिलौना की दुकान लगा ली तोे किसी ने चाय और पान की। अधिकांश शौचालय वर्तमान में स्टोर बन कर रह गए हैं। आसपास के दुकानदार इनका उपयोग निजी कार्य के लिए कर रहे हैं।
दो दिन पहले होलीगेट पर शौचालय के लिए महिला व्यवसायी आशा लवानियां के अनशन के बाद पालिका की नींद उड़ी। अब पालिका इन शौचालय के संदर्भ में हुए अनुबंध की फाइलें टटोल रही है, जिससे एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
यहां बने थे सार्वजनिक शौचालय
नगर पालिका, कृष्णापुरी तिराहा, धौलीप्याऊ रोड, बीएसए कालेज, स्टेट बैंक चौराहा के निकट, महोली रोड, मंडी चौराहा, बिरला मंदिर, विकास बाजार, डैंपियर नगर, गोवर्धन होटल के निकट।
जनसुविधा में नाकाम सार्वजनिक शौचालय
धर्मनगरी में भी श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए लाखों की लागत से बने सार्वजनिक शौचालय रखरखाव के अभाव में शोपीस बने हैं। कई जर्जर शौचालयों को पालिका प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया, अब इन्हें बनाने के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। दो सार्वजनिक शौचालय प्रदेश की पिछली बसपा सरकार ने वृंदावन समग्र विकास योजना में बनवाए थे। कई निजी स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी नगर के विभिन्न क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कराया। नगर के राधानिवास में मुख्य मार्ग पर बने शौचालय को पालिका प्रशासन ने दोबारा बनवाने के वादे के साथ तुड़वा दिया लेकिन निर्माण नहीं कराया है। रतन छतरी निवासी पूर्व सभासद शोभाराम निषाद, वीरी सिंह, सोमपाल और जगपाल ने जल्द शौचालयों का निर्माण कराने की मांग की है।