वृंदावन। श्रीराधाष्टमी के अवसर पर इस बार दो महोत्सव एक साथ मनाए जाएंगे। एक ओर ब्रज की अधिष्ठात्री श्रीराधारानी का 5253वां जन्मोत्सव, वहीं दूसरी ओर श्रीस्वामी हरिदास महाराज का 488वां पाटोत्सव। दोनों ही उत्सव 31 अगस्त को मनाए जाएंगे।
इन पर्वों की तैयारियां वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र में जोरों पर है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है, तो मंदिरों में सजावट के लिए भी तैयारियां की जा रही है। इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि स्वामी हरिदास जी के पाटोत्सव पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में पारंपरिक बैनीगूंथन रासलीला का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन साल में केवल एक बार होता है, जिसमें ललिता सखी के प्राकट्य की लीला का मंचन होता है। यह रासलीला मंदिर प्रांगण में राजभोग आरती के बाद आयोजित की जाएगी। इस दिन आराध्य को खास चाब-चबैनी भोग भी अर्पित किया जाएगा, जो केवल इसी दिन लगाया जाता है।
रात में निकलेगी भव्य शोभायात्रा
मंदिरों में विशेष शृंगार और भोग के बाद शाम लगभग 7 बजे श्रीबांकेबिहारी मंदिर से भव्य चाब बधाई शोभायात्रा निकाली जाती है। यह सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रात्रि 1 बजे निधिवन पहुंचेगी, जहां मंगल बधाई का गायन और प्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन होगा। इसी दिन श्री राधावल्लभ मंदिर से भी श्री राधारानी जन्मोत्सव की शोभायात्रा निकाली जाएगी जो रासमंडल में संपन्न होगी।
संगीत, साहित्य व शृंगार से सजेगा ब्रजधाम
पाटोत्सव व राधाष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में नगर के विभिन्न स्थलों पर संगीत समारोह, काव्य पाठ, भाव गोष्ठियां एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। श्रीहरिदासपीठ मंदिर में विराजमान श्रीहरिदास जी महाराज का दिव्याभिषेक किया जाएगा।