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बदन प्रभा सी लागत मानौ, प्रगट्यौ पूरन चंद

Tue, 22 Sep 2015 12:01 AM IST
रैना पालीवाल
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नाचती गाती ब्रह्म वेला आई और भानु का अंगना धन्य हो गया। कीरत जू ने ऐसी अद्भुत अनुपम कन्या जाई है कि रसिकों की आंखें उससे हटती ही नहीं। मानो पूर्णमासी का चंद्रमा धरा पर उतर आया है। लाड़िली के मंदिर में आस्था और अनुराग का यह सुंदर दृश्य देखते बनता है। भक्तों की कतार नहीं टूटती। सब अपनी लाली के लिए बधाई लेकर आए हैं। लाड़ो को देख भक्त फूले नहीं समाते। हृदय की तृप्ति नयनों में नजर आती है। कोई लाड़िली की बलाएं लेता है तो कोई नजर उतारता है। भानुगढ़ की भोर का यह अलौकिक उजियारा है।
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सोमवार की सुबह 4 बजे बरसाना के लाड़िली जी मंदिर में राधारानी का जन्म हुआ। उनका जन्मोत्सव मनाने के लिए रसिकों का मेला उमड़ा।

इससे पूर्व रात्रि 2:30 बजे से गर्भगृह में लाड़िली जी का 27 कुंओं के जल, औषधियों, नवरत्न, दही, दूध, घी आदि से अभिषेक हुआ। तभी मंदिर में नंदगांव और बरसाने के गोस्वामियों की समाज बैठी। आज बधाई है बरसाने, कुंवर किशोरी जनम लियो सब लोक बजे सहदाने...।

उसके बाद समाज में बुलाये का पद हुआ। बोलो बोलो री नाइन की बिटिया नगर बुलायौ देओ...। रात्रि 3:30 बजे गर्भगृह के पट बंद हो गए। समाज गाने लगी, सोहेलो वृषभानु भवन में, प्रकटी है मंगल में राधा...। आनंद की घड़ी आई, सब गावो बधाई...। सुबह के 4 बजते ही मंदिर में घंट बजने लगे। राधारानी के दर्शन खुले और भक्तों की कतार का प्रवेश होने लगा। सब बरसाने वारी का जस गाते और बधाई लुटाते।
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राधारानी का पंचामृत अभिषेक हुआ जो 5:15 तक चला। भक्तों को अभिषेक के दर्शन हुए। फिर पट बंद हो गए और समाज बैठ गई। समाज में शंकर जी की लीला गाई गई। माता धन तू भाग भरी, मैं आयौ दर्शन हित ताके सो तैने उदर धरी...। उसके बाद मंगल गाया गया।

पंचामृत अभिषेक के बाद श्रीजी को नव वस्त्र व आभूषणों से सुसज्जित किया गया। सुबह 6 बजे मंगला आरती में उनके दर्शन हुए। सेवायतों ने श्यामा जू की आरती उतारी। उसके बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती भी मौजूद रहीं। उन्होंने जगमोहन में वाइपर चलाकर सेवा भी की।

मंदिर में शाम तक धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। राधाष्टमी की शुभ बेला पर समूचा बरसाना बधाई गीतों में रसाबोर नजर आया। जगह जगह बधाए गाये गए। ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते श्रद्धालु श्रीजी मंदिर पहुंचे।
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