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Mathura News: रील्स में राधारानी समाईं... जेन-जी को भा रहे कन्हाई

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इस्कॉन मंदिर नृत्य करती युवती। 
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वृंदावन। सोशल मीडिया की दुनिया में रहने वाले जेन-जी पर कृष्ण भक्ति का रंग चढ़ रहा है। स्मार्टफोन की स्क्रीन पर घंटों बिताने वाले यह युवा डिजिटल दुनिया के शोर-शराबे से दूर वृंदावन की पावन रज में मानसिक शांति तलाश रहे हैं। मंदिरों में संकीर्तन करते हैं और राधे-राधे की धुनों पर रील्स बनाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं में सबसे अधिक संख्या जेन-जी की थी। इस बार यह संख्या दोगुना से अधिक रहने का अनुमान है।
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दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, चंडीगढ़, भोपाल, इंदौर और मुंबई जैसे बड़े शहरों से हर सप्ताहांत युवाओं की टोलियां वृंदावन पहुंच रही हैं। बांकेबिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन और यमुना घाटों पर अब बुजुर्गों से ज्यादा युवा नजर आते हैं। पिछले वर्ष होली और प्रमुख त्योहारों पर आए 10 लाख श्रद्धालुओं में लगभग 40 फीसदी युवा थे। हरियाली तीज पर उमड़ी 6 लाख की भीड़ में करीब ढाई लाख जेन-जी थे। सोशल मीडिया एल्गोरिदम और ब्रज के प्रसिद्ध कथावाचकों-संतों के वायरल वीडियो ने युवाओं की सोच बदली है।
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ब्रज के कथावाचकों ने किया जादू
प्रेम मंदिर में दर्शन करने आई आगरा के इरादतनगर निवासी बैंककर्मी प्रिया पाठक ने कहा कि ब्रज के कथावाचकों ने युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का काम किया है। संत प्रेमानंद महाराज, इंद्रेश महाराज, पुंडरीक गोस्वामी, ठाकुर देवकीनंदन और अनिरुद्धाचार्य की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो ने युवाओं को भक्ति से जोड़ दिया है। उनकी बातें सीधे दिल में उतर रही हैं।
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वीडियो ने पैदा कर दी ललक
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से आए राहुल यादव का कहना है कि मोबाइल फोन पर वृंदावन के संतों और मंदिरों की वीडियो ने यहां आने की आने की ललक को पैदा कर दी। वह चार दिन की ऑफिस से छुट्टी लेकर आए हैं। वह रोजाना काम में व्यस्त रहते हैं लेकिन यहां आकर उन्हें मानसिक शांति मिली है। वह अब यहां आते रहेंगे। हर ओर राधे-राधे और घंटों की आवाज सुनाई देती है तो बोझ हल्का हो जाता है।
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वृंदावन बना सप्ताहांत का ठिकाना, कारोबार में वृद्धि
अब सप्ताहांत पर कॉलेज छात्र, आईटी पेशेवर और स्टार्टअप संस्थापक क्लबिंग के बजाय वृंदावन का रुख कर रहे हैं। युवाओं के इस नए रुझान से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी गति मिली है। सप्ताहांत और पर्वों पर बांकेबिहारी मंदिर तथा आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त भीड़ रहती है। स्थानीय होटल व्यवसायी, कैफे संचालक और हस्तशिल्प दुकानदार बताते हैं कि सभी होटल पहले से बुक हो जाते हैं। भक्ति पर्यटन के इस दौर में युवाओं के आने से व्यापार में काफी इजाफा हुआ है।
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युवाओं का सनातन में बढ़ रहा विश्वास
युवा देश का भविष्य हैं। संतों के वचनों और मार्गदर्शन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है, जिससे उनका विश्वास सनातन धर्म में दृढ़ हुआ है।
- महंत मोहिनीबिहारी शरण, ललित कुंज आश्रम
संकीर्तन में लीन रहते हैं युवा
मंदिर में सुबह-शाम युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। वे केवल तस्वीरें खींचने या रील्स बनाने नहीं आते, बल्कि घंटों बैठकर संकीर्तन में लीन होते हैं और भक्तिपूर्वक परिक्रमा करते हैं।
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- कृष्ण बलराम गोस्वामी, सेवायत, श्रीराधादामोदर मंदिर
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