तोड़ डालीं राधाकुंड के गुंबद की छतरियां
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मथुरा में राधा-श्याम कुंड प्रशासन की अनदेखी के चलते अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रहा है। कुंडों के आसपास बड़े-बड़े मठ, आश्रम और गेस्ट हाउस बन गए हैं। इनके निर्माण में कुंडों के पौराणिक स्वरूप से खिलवाड़ किया जा रहा है। बड़ी-बड़ी इमारतें किसी दिन हादसे का सबब बन सकती हैं।
ब्रज के कुंड और सरोवरों की शोभा निखारने का काम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गठित ब्रज तीर्थ विकास परिषद कर रहा है। वहीं कस्बे में श्रीराधा-कृष्ण द्वारा स्थापित राधा-श्याम कुंड को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। राधा-श्याम कुंड के पास बने गुंबद और छतरी को तोड़कर यहां बड़ी-बड़ी इमारतें तैयार की जा रही हैं। इससे कुंडों का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है।
एनजीटी की रोक
गिरिराज पर्वत संरक्षण समिति के अध्यक्ष बाबा आनंद गोपाल दास ने प्राचीन कुंडों के अस्तित्व के नष्ट होने पर चिंता जताई है। उन्होंने इस संबंध में एनजीटी न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। एनजीटी द्वारा गिरिराज पर्वत, प्राचीन कुंड, उपवन के आसपास क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया था। इसके बावजूद राधा-श्याम कुंड के किनारे बड़े-बड़े भवनों का निर्माण जारी है। जिससे स्पष्ट है प्रशासन की मौन स्वीकृति से बहुमंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है।
कराई जाएगी जांच
नगर पंचायत राधाकुंड के अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि राधा-श्याम कुंड किनारे बन रही बहु मंजिला इमारत की नगर पंचायत कर्मचारी भेजकर जांच कराई जाएगी। नक्शा पास करने का कार्य मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण का है। पता कराया जाएगा इन भवन स्वामियों ने नक्शा पास कराया है या नहीं।