संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। श्रीबांकेबिकारी मंदिर का ट्रस्ट बनाने की अधिसूचना जारी होने के बाद कॉरिडोर निर्माण की कवायद तेज हो गई है। शासन ने कॉरिडोर निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दी है। सर्वे प्रक्रिया के बाद कॉरिडोर के निर्माण के आसार जताए जा रहे हैं। हालांकि सेवायत लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन शासन इसके निर्माण की पूरी तैयारी में जुटा है।
प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने 29 मई को धर्मार्थ कार्य निदेशालय को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। जारी पत्र में कहा गया है कि कॉरिडोर परियोजना से मथुरा-वृंदावन को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कॉरिडोर से भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा में सुधार होगा और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में वृंदावन में संकरी गलियां होने व भीड़ के दबाव में श्रद्धालुओं व पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे कॉरिडोर निर्माण के बाद इन परेशानियों पर लगाम लगेगी। साथ ही स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा कहा गया है कि श्रीबांकेबिकारी मंदिर ट्रस्ट यह भी सुनिश्चित करेगा कि कॉरिडोर का डिजाइन वृंदावन की पारंपरिक कुंज गलियों और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखे। इसके लिए द्वापरकालीन प्रजातियों के पेड़-पौधे जैसे पारिजात, कदंब, बरगद और पीपल लगाए जाएंगे। ये पर्यावरण संरक्षण के साथ वृंदावन की प्राचीन छवि को बनाए रखेंगे। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर यह कॉरिडोर बनाया जाएगा। कॉरिडोर से मंदिर और यमुना नदी को जोड़ा जाएगा। हालांकि श्रीबांकेबिकारी मंदिर का ट्रस्ट बनने की अधिसूचना जारी होने के बाद सेवायतों का विरोध शुरू हो गया है। सेवायत सरकार की इस मंशा के खिलाफ हैं, लेकिन शासन अपनी पूरी तैयारी से जुटा है। पीडब्ल्यूडी को कॉरिडोर निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन की दो सदस्यीय टीम ने काशी कॉरिडोर निर्माण का हाल जाना : वृंदावन में कॉरिडोर का निर्माण काशी की तर्ज पर होगा। इसलिए बीते सप्ताह प्रशासन की दो सदस्यीय टीम बनारस में बने काशी कॉरिडोर की स्थिति को परखने गई थी। टीम ने वहां पर कॉरिडोर निर्माण की बारीकी से जानकारी ली। चूंकि वाराणसी की गलियां भी वृंदावन की कुंज गलियों की तरह काफी संकरी हैं। उन्होंने वहां पर कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही कॉरिडोर निर्माण की रूपरेखा को देखा। साथ ही यह भी जाना कि कैसे जमीन का अधिग्रहण किया गया और कैसे उसे धरातल पर उतारा गया।
इसके अलावा काशी कॉरिडोर निर्माण करने वाले अधिकारियों से भी मंथन किया। साथ ही इसके निर्माण में आई परेशानियों के बारे में भी विस्तार से पूछा। टीम ने यह भी पता किया कि कॉरिडोर में समाहित हुई गलियों का वैकल्पिक रास्ता कहां से निकाला गया है और निर्माण के समय तक आवागमन के वैकल्पिक रास्ते का क्या इंतजाम किया गया। काशी विश्वनाथ गलियारे के भ्रमण के बाद लौटी टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
वृंदावन आ सकते हैं सीएम योगी
श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण को लेकर अगले सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वृंदावन आ सकते हैं। यहां वह बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। साथ ही कॉरिडोर निर्माण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों के साथ भी कॉरिडोर निर्माण के लिए मंथन करेंगे। यही कारण है कि प्रशासन किसी भी तरह गोस्वामियों को मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व मनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। उधर, प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां भी तेज कर दी हैं।