मथुरा। फरह में वारदात के बाद मौके पर जांच करतीं सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा।
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मथुरा। दिवाली पर गांव में शुभकामनाओं के बैनर लगवाना दोनों भाइयों को भारी पड़ गया। चार साल से प्रधान पद के चुनाव की तैयारी में जुटे राजू को लगा कि बच्चन के दो पुत्रों में से कोई एक उसके खिलाफ चुनाव लड़ेगा। यही कारण रहा कि उसने दिवाली पर ही एलान कर दिया था कि जिस दिन दोनों भाइयों में से कोई गांव में दिख गया उसे अच्छा सबक सिखाएगा।
फरह के गांव पीलुआ सादिकपुर के नगला बंजारा निवासी बच्चन सिंह ने बताया कि दिवाली पर उसके बेटे तिलक ने गांव में शुभकामनाओं के बैनर लगवाए थे। तिलक द्वारा लगवाए गए बैनर चार साल से प्रधान पद की तैयारी कर रहे राजू को रास नहीं आया। उसे लगा कि तिलक या विनोद उसके खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। बस इसी को लेकर दोनों के परिवार के बीच में रंजिश हो गई। रंजिश इतनी बढ़ गई कि राजू ने एलान कर दिया कि दोनों भाइयों में से कोई गांव में दिख गया तो उसे अच्छा सबक सिखाएगा। बच्चन सिंह ने बताया कि राजू की धमकी के बाद उन्होंने गोवर्धन में मकान बना लिया और अपने दोनों बेटों के साथ रहने लगे।
रविवार की रात को वह सो रहे थे, दोनों भाई गांव में पहुंच गए। मामूली बात पर उनकी प्रधान से कहासुनी हुई और दोनों की हत्या कर दी। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में युवकों की माैत दुर्घटना में प्रतीत हो रही है। युवकों के पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। खुलासे के लिए दो टीमें गठित की हैं।
राजस्थान में मेहंदी लगाने का कार्य करते थे दोनों भाई
पीड़ित बच्चन सिंह ने बताया कि विनोद और तिलक दोनों राजस्थान के जिला पाली में शादी विवाह में दुल्हनों के हाथों पर मेहंदी लगाने का कार्य करते थे। शादी का सीजन न होने के कारण दुकानदारी कम हो रही थी। इसलिए दोनों भाई गोवर्धन आए थे। रविवार की रात को दोनों बिना बताए ही अपने पैतृक गांव आ गए और ग्राम प्रधान से विवाद हो गया। बच्चन सिंह ने बताया कि उनका सबसे बड़ा बेटा साहब सिंह राजस्थान के जिला सिरोही में कपड़े की दुकान करता है। एक साथ दो जवान बेटों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।