नाले से लेकर आई यमुना के विश्राम घाट पर तैरती गंदगी।
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मथुरा। हाईकोर्ट की फटकार और लगातार निगरानी के बाद भी सीवेज पंपिंग स्टेशनों के नाले ओवरफ्लो होकर यमुना में गिर रहे हैं। सभी पंपिंग स्टेशनों पर एक ही पंप चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से नालों का कचरा आधे से ज्यादा यमुना में समा रहा है। शहर के सीवेज पंपिंग स्टेशन में सुधार नहीं हुआ है।
मसानी स्थित सीवेज स्टेशन पर एक ही पंप चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से एसटीपी पर नालों का पानी नहीं पहुंच रहा और यह पानी सीधे यमुना में समा रहा। इसी तरह अंबाखार नाले का पानी भी यमुना पार एसटीपी में न जाकर यमुना में समा रहा है। नालों के प्रवाह के कारण यमुना जल की स्थिति दयनीय बनी हुई है। नगर निगम की लापरवाही के कारण शुक्रवार की दोपहर यमुना में भारी गंदगी देखी गई। यमुना में मसानी नाले का प्रवाह खोल दिया गया। यमुना किनारे भारी दुर्गंध के कारण किनारे बैठे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो गई। लोगों ने जिला और नगर निगम प्रशासन को कोसते हुए यमुना में गंदगी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
स्थानीय निवासी मुकेश बाल कृष्ण चतुर्वेदी, विजय चतुर्वेदी, विपिन स्वामी, आनंद चतुर्वेदी बादाम, मोहन चतुर्वेदी, भोला बाबा ने कहा कि सैकड़ों करोड़ रुपये पानी में बहाने के बाद भी यमुना में लगातार गंदगी गिर रही है। यमुना में गिरने वाली गंदगी ना तो नगर निगम प्रशासन को दिखाई दे रही है और ना जिला प्रशासन को। नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। नालों को टेप कराकर यमुना में गिरने से रोका जाएगा।