चार दिनों से बिना धनराशि मिले लौट रहे लोगों का सब्र बुधवार को टूट गया। एकत्रित लोगों ने मथुरा-वृंदावन मार्ग पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया। यहां बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों को जमकर कोसा। सभी लोग सिंडीकेट बैंक के कर्मचारियों पर एजेंटों से साठगांठ का आरोप लगा रहे थे। गोविंदनगर पुलिस ने समझाबुझाकर जाम खुलवाया।
बुधवार सुबह रुपये मिलने की आस लिए लोग मथुरा-वृंदावन स्थित सिंडीकेट बैंक के बाहर लाइन में लगे। बैंक खुलते ही लोगों को धनराशि न मिलने की बात कह दी गई। बस फिर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। एकत्रित लोगों ने मथुरा-वृंदावन मार्ग जाम कर दिया। वाहनों की लंबी लाइन लग गई। रालोद के ताराचंद गोस्वामी और पूर्व सभासद धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि बैंक प्रबंधक, कर्मचारी और एजेंट की साठगांठ से कमीशन पर धनाड्यों की धनराशि बदली जा रही है।
आम जनता के साथ अभद्रता की जाती है। जल्द ही बैंक के मुख्यालय से बैंक कर्मचारियों की शिकायत की जाएगी। पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रभारी थाना गोविंदनगर ने जाम खुलवाया। जाम लगाने वालों में अनु शर्मा, अनीता, प्रेमवती, मायादेवी, गुड़िया, काजल, सायरा बेगम, नूरजहां, कमलेश देवी, विपतीराम, अनिल चतुर्वेदी, जुगल किशोर, नवल किशोर, रहमत खां आदि थे।
मुख्यालय से करेंगे बैंककर्मियों की मनमानी की शिकायत
चामुंडा कालोनी के रहने वाले पुष्पेंद्र चौधरी ने गायत्री तपोभूमि की आइओपी बैंक की शाखा के प्रबंधक और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत आइओबी के मुख्यालय से करने की बात कही है। उनका कहना है कि बैंक के अंदर होने के बाद भी उनकी धनराशि जमा नहीं की गई। जबकि आदेश है कि बैंक में अंदर होने वाले लोगों की धनराशि जमा होगी और उन्हें रकम भी दी जाएगी।