मथुरा। मंडी समिति कार्यालय पर शनिवार को मंडी व्यापारियों ने घंटा, घड़ियाल और शंख बजाकर मंडी समिति के अंदर लगने वाले मंडी शुल्क का विरोध किया। व्यापारियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर रोष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मंडी प्रांगण के अंदर और बाहर की एक नीति बनाकर किसान अन्नदाता को इस दोहरी नीति से उबारने का प्रयास करें।
व्यापारियों ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अन्नदाता किसान की उपज का पूरा मूल्य दिलाने के लिए मंडी शुल्क के नाम से लग रहे टैक्स को जीरो कर देश और किसान को राहत दी है। मंडी व्यापारी अध्यक्ष राधा चरण चौधरी, महामंत्री दीनदयाल अग्रवाल, धर्मचंद्र अग्रवाल, हरवीर प्रधान, गया प्रसाद गुप्ता, गया पांडे, आशीष, हरि बाबू, नेत्रपाल ठाकुर, अनिल पंडित, प्रमोद कुमार, भूरा ठाकुर, राकेश, राज कुमार, लक्ष्मण, पिंकू सभी व्यापारियों ने सरकार की नीति का विरोध करते हुए 12 जुलाई को भी मंडी को पूर्णत: बंद रखने का प्रस्ताव पारित किया। संवाद