बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर का विरोध जारी है। सेवायतों द्वारा क्रमिक अनशन किया जा रहा है। महिलाओं ने शंख बजाकर सांकेतिक रूप से संघर्ष का उद्घोष किया।
वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर और उसके लिए ट्रस्ट गठन के विरोध में सेवायतों का क्रमिक अनशन जारी रहा। मंगलवार को गोस्वामी समाज की महिलाओं ने शंखनाद करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, वहीं गोस्वामी समाज के पुरुषों द्वारा क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा।
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प्रदर्शनकारियों ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार उनके निजी मंदिर पर जबरन अधिग्रहण थोपना चाहती है। महिलाओं ने शंख बजाकर सांकेतिक रूप से संघर्ष का उद्घोष किया और प्रदेश सरकार से योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की।
नीलम गोस्वामी ने कहा हमारी आस्था, परंपरा और पहचान से जुड़े बांके बिहारी मंदिर पर सरकार कॉरिडोर के नाम पर कब्जा करना चाहती है। यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि ब्रजवासियों की आत्मा पर हमला है। हमने आज शंखनाद कर विरोध जताया है, ताकि सरकार की नींद खुले।
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वहीं हिमांशु गोस्वामी ने जानकारी देते हुए कहा हमारी लड़ाई सिर्फ कॉरिडोर के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो हमारे तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थलों में बदलना चाहती है। जब तक सरकार यह योजना वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सुमन गोस्वामी, मधु गोस्वामी, पुष्पा गोस्वामी, अनुराधा गोस्वामी, श्रद्धा खंडेलवाल, निशा शर्मा, राधा मिश्रा, मीरा गोस्वामी, ममता गोस्वामी, भावना गोस्वामी उपस्थित रहीं। संवाद