देश में हजारों मठ और मंदिर अव्यवस्थाओं के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। ऐसे मंदिरों के रखरखाव के लिए सरकार को आगे आना चाहिए लेकिन सरकार की नजर केवल अधिक दान एकत्र करने वाले मंदिरों पर है।
यह विचार विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महामंत्री दिनेशजी ने व्यक्त किए। बुधवार को वे ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मुख्य द्वार पर चल रहे सेवायतों के क्रमिक अनशन को समर्थन देने पहुंचे थे।
पत्रकार वार्ता में विहिप नेता ने कहा कि सरकार हिंदू मंदिरों की दान राशि को अन्य धर्मस्थलों के रखरखाव पर खर्च कर इसका दुरुपयोग करती है। कोई भी सरकार मठ-मंदिरों का निर्माण नहीं कराती और इसकी आवश्यकता भी नहीं है। सरकार का काम मंदिर की व्यवस्थाएं बनाना है न कि उनका अधिग्रहण करना।
उन्होंने कहा कि मंदिर सामाजिक चेतना के केंद्र होते हैं। आदि काल से ये समाज का मार्गदर्शन करते आए हैं। हिंदू धर्म संस्कृति में सभी धर्मों का सम्मान देखने को मिलता है। इसलिए हिंदू मंदिरों के अधिग्रहण के विरोध में सभी धार्मिक संस्थाओं को आगे आना चाहिए।
दिनेशजी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ठाकुर बांके बिहारी मंदिर का अधिग्रहण करने के भ्रम में न रहे। यदि मंदिर का अधिग्रहण हुआ तो देशव्यापी आंदोलन होगा।
हिंदू नौजवान आगामी विधानसभा चुनाव में तख्ता पलट कर देंगे। इस दौरान गोपश्वरनाथ चतुर्वेदी, विहिप जिलाध्यक्ष बच्चू सिंह, विहिप नगर अध्यक्ष सौरभ गौड़, गोपेश गोस्वामी, डा. यशवंत सिंह आदि उपस्थित थे।