ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन और मिर्जापुर के विंध्यवासिनी मंदिर के अधिग्रहण के विरोध में बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से मंदिर के मुख्य गेट के पास चबूतरे पर अनशन प्रारंभ हो गया। यहां गोस्वामी और नगर के लोग भी पहुंचने लगे हैं। प्रदेश सरकार के प्रति रोष जताते हुए सभी लोगों ने सरकार से मामले में अपना रुख साफ करने की बात कही। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
शाम को करीब तीन बजे क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर क्रमिक अनशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगलराज है और कानून व्यवस्था ठप है। प्रदेश सरकार इस पर ध्यान देने के स्थान पर मंदिरों का अधिग्रहण कर श्रद्धालुओं की पूजा-सेवा में व्यवधान डालना चाहती है। सेवायत अशोक गोस्वामी ने अधिग्रहण की प्रक्रिया तुरंत रोकने की मांग की।
नंदगांव से आए गोकुलचंद्र गोस्वामी ने कहा कि सपा सरकार जब-जब प्रदेश में आई है तभी मंदिरों और हिंदुओं पर कुठाराघात हुआ है। तीर्थस्थलों की व्यवस्थाएं सुधारने के स्थान पर सरकार मंदिरों की व्यवस्थाएं बिगाड़ना चाहती है। रसिकवल्लभ गोस्वामी ने कहा कि प्रदेश सरकार के कदम को गैर न्यायोचित बताया और पुन: विचार करने की बात कही। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ब्रज के किसी भी मठ, मदिंर और आश्रम का अधिग्रहण नहीं कर सकती।
अनशन करने वालों में देवेंद्रनाथ गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, घनश्याम, रजत, विनय गोस्वामी, दिप्पी गोस्वामी, जुगल गोस्वामी, अमित गोस्वामी, बंटी गोस्वामी, विनोद गोस्वामी, मोर कुमुट गोस्वामी, तरुण गोस्वामी, बच्चू गोस्वामी, प्रदीप गोस्वामी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष नूतनबिहारी पारिक, श्यामबिहारी गोस्वामी आदि उपस्थित थे।
नहीं पूरी होने देंगे सरकार की मंशा
मंदिर अधिग्रहण के मुद्दे पर धर्म रक्षा संघ ने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र स्थित मोहन बाग मेें पत्रकार वार्ता आयोजित की। इसमें गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के पीछे प्रदेश सरकार का प्रयास मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा भंग करते हुए धन-संपत्ति हरण करने का है। इसे हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। देवेंद्र नाथ और घनश्याम गोस्वामी ने कहा कि ब्रजक्षेत्र की जनता इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है।
जनता नहीं चाहती कि मंदिरों का अधिग्रहण सरकार करे। आचार्य बद्रीश ने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के मुद्दे पर सरकार को झुकना पड़ेगा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमंयु ने सरकार की नीति को हिंदू विरोधी बताया। कहा कि इसे कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा। धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष पंडित सौरभ गौड़ ने कहा कि हिंदुओं के पवित्र आराधना स्थलों का अधिग्रहण करके सरकार एक खास वर्ग के वोट बैंक अपने पक्ष में करना चाहती है। सरकार की यह मंशा कभी पूरी नहीं हो दी जाएगी। गोपेश गोस्वामी और ब्रजेश गोस्वामी ने भी विरोध जताया।
विधायक ने मुख्य सचिव के सामने रखा पक्ष
कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने लखनऊ प्रवास के दौरान मुख्य सचिव आलोक रंजन से भेंट की और बांकेबिहारी मंदिर अधिग्रहीत किए जाने की प्रक्रिया पर विरोध दर्ज कराया। विधायक ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने के लिए शासन को प्रस्ताव तैयार करना चाहिए। इसमें मंदिर के गोस्वामी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि सहयोग करेंगे।
शासन मंदिर के बाहर की गलियों के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सफाई आदि का ध्यान रखे। मुख्य सचिव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही। इसके अलावा विधायक माथुर ने जिले को सूखाग्रस्त सूची में रखने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने डीएम से दोबारा रिपोर्ट मंगाने का आश्वासन दिया है। विधायक माथुर ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव केएस अटोरिया से भेंटकर महोली रोड चौड़ीकरण का प्रस्ताव बनाकर उसकी स्वीकृति के लिए प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया। यूपीएसआरटीसी के एमडी के रवींद्र नायक से बसस्टैंड निर्माण शीघ्र शुरू कराने और नगर विकास मंत्री आजम खान से मथुरा-वृंदावन के अहम मुद्दों पर वार्ता की।
दानघाटी मंदिर के सेवायत भी विरोध में उतरे
बांकेबिहारी मंदिर के अधिग्रहण का गिरिराज नगरी के सेवायतों ने भी विरोध किया है। दानघाटी स्कूल में आयोजित बैठक में सेवायतों ने अधिग्रहण के खिलाफ सेवायतों के आंदोलन में सहयोग का आह्वान किया। गोवर्धन दानघाटी मंदिर के सेवायत और पूर्व पदाधिकारी जितेंद्र पुरोहित व हरेकृष्ण पुरोहित ने मंदिर अधिग्रहण की प्रक्रिया को ब्राह्मण समाज विरोधी बताया। सेवायत समिति के मंत्री रमाकांत कौशिक, भगवान दास लंबरदार ने अधिग्रहण के विरोध में सरकार के निर्णय पर आंदोलन में सहभागिता का आश्वासन दिया। बैठक में लीलाधर शर्मा, उमाशंकर शर्मा, बिज्जू बाबा, शंभू नाथ कौशिक सहित अनेक सेवायत मौजूद रहे।