धर्म रक्षा संघ की मंगलवार को ब्रजबिहार में हुई विशाल धर्म सभा में जिले के कई मंदिरों के सेवायत, संत-महंत, आचार्यों ने ठाकुर बांकेबिहारी और विंध्यवासिनी देवी मंदिर के सरकारी अधिग्रहण के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया।
सभा में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि प्रदेश सरकार हिंदुओं के मंदिर, मठ और आश्रमों को अधिग्रहण करने का कुचक्र रच रही है। आज अपनी हिंदू संस्कृति और सनातन धर्म को बचाने के लिए संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित होकर आगे आना होगा।
हम किसी भी कीमत पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर और विंध्यवासिनी देवी मंदिर का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि सरकार का यह तानाशाही रवैया उचित नहीं है। सरकार को अधिग्रहण करने की बजाय सहयोग की नीति अपनानी चाहिए। पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल लखनऊ जाएगा।
बसपा नेता योगेश द्विवेदी ने कहा कि मंदिरों के अधिग्रहण को यदि प्रदेश सरकार ने नहीं रोका तो उसे हिंदू समाज का विरोध झेलना पड़ेगा। गोवर्धन क्षेत्र विधायक राजकुमार रावत ने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के पीछे सरकार की मंशा हिंदू समाज को ठेस पहुंचाने की है।
धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि मंदिरों के अधिग्रहण को रोकने के लिए यदि हिंदुओं को बलिदान भी देना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। सभा में श्रीकृष्ण सरस, कैप्टन हरिहर शर्मा, श्याम सुंदर गौतम, घनश्याम गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, संतू कन्हैया, गोपी गोस्वामी, आशीष गोस्वामी, रजत गोस्वामी, मयंक गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी उपस्थित रहे।