जनता से जुड़ा कोई भी विषय सात दिन से ज्यादा लंबित रखने वाले अफसरों की खैर नहीं। अधिकारी काम में पारदर्शिता लाएं। अब ये नहीं होगा कि पीडब्ल्यूडी पहले सड़क बना दे फिर जल निगम और विद्युत विभाग उसे खोद डालें। समन्वय बनाकर काम करना होगा। ये जिम्मेदारी डीएम की रहेगी।
प्रदेश सरकार बनने के बाद पहली बार गृह जनपद आए ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान इन शब्दों में सरकार की बात रखी। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी कहां हैं और उसका समाधान क्या है ये सभी अफसर जानते हैं।
पावर कार्पोरेशन ठेके में माफिया राज को खत्म करने के लिए ई-टेंडरिंग करने जा रहा है। अन्य विभागों को भी पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि पढ़ाने नहीं जाने वाले शिक्षक की तनख्वाह बनाने पर बाबू पैसा मांगते हैं। शिक्षक पढ़ाने जाएंगे और बाबू पैसा भी नहीं मांगेंगे।
ऊर्जामंत्री ने महिला संबंधी अपराध रोकने के लिए गांवों तक पुलिस गश्त करने की व्यवस्था के निर्देश एसएसपी को दिए। बैठक में डीएम नितिन बंसल, एसएसपी मोहित गुप्ता, सीडीओ मनीष वर्मा, विप्रा उपाध्यक्ष सीपी सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।