सदर तहसील के गांव उस्फार में 250 दलित परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्हें पीने को पानी मिल रहा है न उजाले के लिए बिजली। बरसात में कुआं के गंदे पानी को पीने को मजबूर दलित परिवार के लोग बीमार हो रहे हैं। दर्जनों प्रभावित परिवारों ने यह पीड़ा सीडीओ को बताई।
कलक्ट्रेट पहुंचे ऊषा, मिथलेश, हरदेवी, सरोज, कलावती, सुमित्रा ने सीडीओ मनीष कुमार वर्मा को अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि गांव में जल निगम की टंकी है लेकिन इसका पानी उन्हें पीने के लिए नहीं मिलता है। गांव की दलित बस्ती के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
ये सभी परिवार खेतों में बने कुएं से पानी लाते हैं। इसमें निकटवर्ती नाले का पानी मिल जाता है। ऐसे पानी को छानकर पीया जाता है। वंशीलाल, श्रवण कुमार, राजू, धीरज, गजेंद्र सिंह, मनोहर सिंह ने बताया कि गंदा पानी पीने के कारण घरों में बीमारों की संख्या बढ़ रही है। दयाराम, पूरन, मुकेश, गनसिंह ने बताया कि उनकी बस्ती में बिजली भी नहीं आती है लेकिन बिल भेज दिए गए हैं।