मथुरा। सरकार की गाइडलाइन और प्रशासन के आदेशों का निजी अस्पताल संचालक पालन नहीं कर रहे हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 में बचाव और सावधानियों संबंधी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों को दी गई ट्रेनिंग का भी कोई खास असर होता भी नहीं दिख रहा है। इसका खुलासा शुक्रवार को अधिकारियों की पड़ताल में हुआ है।
डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता ने शुक्रवार को मथुरा शहर के पांच निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेहता हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, अमर हेल्थ केयर, शर्मा हॉस्पिटल, देवेंद्र हॉस्पिटल का आकस्मिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पाया कि अमर हेल्थ केयर के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं थी, जबकि अस्पतालों को मुख्य गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए थे।
अस्पतालों में बनाए गए रजिस्टर में मरीजों व आगंतुकों का थर्मल स्क्रीनिंग के आधार पर दर्ज तापमान अंकित नहीं किया जा रहा है। वहीं शर्मा हॉस्पिटल, देवेंद्र हॉस्पिटल के बाहर मरीजों व अन्य आगंतुकों के हाथ धोने की कोई व्यवस्था नहीं थी। डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल संचालकों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं।