मथुरा। एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ा गया वन विभाग का प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी।
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मथुरा। पेट्रोल पंप निर्माण के लिए एनओसी जारी करने के एवज में 50 हजार रुपये की घूस लेने वाले वन विभाग के प्रधान सहायक को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं डीएफओ ने प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी को निलंबित भी कर दिया है। शुक्रवार को टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद जमुनापार थाने में प्रधान सहायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दरअसल, महावन के प्रेमनगर खुर्द निवासी रोहताश तंवर और रिफाइनरी क्षेत्र के नगला पौहपी निवासी राजन सिंह ने आठ जुलाई को एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि आगरा-दिल्ली मार्ग स्थित नगला हसनपुर में 2022 में पेट्रोल पंप पास हुआ था। इसके निर्माण के लिए एनओसी लेने के लिए वन विभाग के प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी से मिले थे।
पीड़ित का आरोप है कि वह प्रधान सहायक ने एनओसी जारी करने के एवज में उनसे दो लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि बाद में 50 हजार रुपये पर बात बन गई थी। इसी बीच पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से मामले की शिकायत कर दी। शुक्रवार को वन विभाग कार्यालय जाकर जैसे ही पीड़ित ने प्रधान सहायक को घूस की रकम दी। उसी समय एंटी करप्शन टीम ने प्रधान सहायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। साथ ही जमुनापार थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सीओ सदर संदीप सिंह ने बताया है कि मामले की विवेचना एंटी करप्शन टीम कर रही है। शनिवार को आरोपी को मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एंटी करप्शन टीम की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई होगी।