एक साल में दूसरी बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के वृंदावन आगमन में उनकी बड़ी बहन श्रीलेखा का भी बड़ा योगदान रहा। चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमन को 500 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम का न्योता मिलने पर उनकी बहन के कहने पर प्रणब दा ने वृंदावन और राधारमण मंदिर जाने को स्वीकारोक्ति दी।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति की बहन श्रीलेखा भी साथ आईं। उनकी अगवानी जिला उपक्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने की।
राष्ट्रपति की बहन श्रीलेखा ने जिला उपक्रीड़ा अधिकारी से बहुत सी बातें शेयर की। श्रीलेखा बोस ने उनको बताया कि बंगाल स्थित उनके ससुरालियों का राधा रमण मंदिर निर्माण में प्रमुख योगदान रहा है।
उनके परिवार के लोग अक्सर वृंदावन आते रहते हैं। बताया कि जब भाई को वृंदावन के चैतन्य महाप्रभु के कार्यक्रम का न्यौता मिला तो उन्होंने भी राधारमण मंदिर जाने की बात रख दी। उसे भाई ने मान लिया और राधारमण मंदिर दर्शन और शृंगार आरती का कार्यक्रम फाइनल किया।
आनन-फानन में बुलाई महिला अधिकारी
कार्यक्रम में जिला उपक्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा की कहीं ड्यूटी नहीं थी। राष्ट्रपति की बहन साथ आने की सूचना पर उनकी अगवानी के लिए आनन-फानन में उनको कहा गया। वे जैसे-तैसे 10 बजे अगवानी को अन्नपूर्णा पार्किंग में बने हेलीपैड स्थल पर पहुंच सकीं।