वृंदावन के मांट क्षेत्र स्थित नवीन यमुना विहार आश्रम में एकांतवास में रह रहे संत प्रेमानंद महाराज बुधवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के रमणरेती क्षेत्र में पदयात्रा करते दिखे। सुबह लगभग 5 बजे जब श्रद्धालु नगर परिक्रमा में लीन थे और कुछ भक्त श्रीराधा केलिकुंज के बाहर मौजूद थे तभी राधाटीला के पास कार से उतरकर संत प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा शुरू कर दी।
अपने प्रिय संत के दर्शन पाकर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्वास्थ्य कारणों से संत प्रेमानंद ने 18 मई को श्रीराधा केलिकुंज छोड़कर यमुना पार जहांगीरपुर स्थित आश्रम में एकांतवास ग्रहण किया था। इसके बाद से उनकी दैनिक पदयात्रा, एकांतिक वार्ता और दर्शन कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हैं।
हाल ही में गुरुपूर्णिमा पर वे अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे थे, जिसके बाद श्रीराधा केलिकुंज में दो घंटे बिताकर वापस लौट गए थे। वर्तमान में वे एकांतवास में ही हैं और उनके नियमित दर्शन कार्यक्रम अभी विधिवत शुरू नहीं हुए हैं।