मथुरा। करवा चौथ पर व्रत रखने वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी हो सकती है। इससे चक्कर आने, कमजोरी और रक्तचाप प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णा शर्मा ने बताया कि गर्भावस्था में मां और गर्भस्थ शिशु की पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में पूरे दिन निर्जला व्रत रखना हर महिला के लिए सुरक्षित नहीं है। खासकर जिन महिलाओं को खून की कमी, मधुमेह, उच्च या निम्न रक्तचाप अथवा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाएं करवा चौथ की परंपरा निभाना चाहती हैं तो चिकित्सक से सुरक्षित विकल्पों पर चर्चा करें। व्रत के दौरान गर्भवती महिला अत्यधिक प्यास, चक्कर, घबराहट, असामान्य कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।