मथुरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पर्यावरण संरक्षण और कोयले-लकड़ी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध के दावे हवा-हवाई हैं। वहीं जिम्मेदारों की बात भी निराली है। आईजीआरएस की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों ने सिर्फ एक ढाबा संचालक का तंदूर ही जब्त किया जबकि आसपास के ढाबाें व होटलों पर सुलगते तंदूरों पर उनकी नजर नहीं पड़ी। एक तंदूर बंद कराकर जिम्मेदारों ने आईजीआरएस पर की गई शिकायत का तो निस्तारण कर दिया पर बाकी तंदूर संचालकों पर अफसर मेहरबान दिखे।
नए बस स्टैंड के निकट भोले ब्रजवासी भोजनालय नाम से ढाबा है। यहां पास में रहने वाली एक गर्भवती महिला ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इसमें कहा कि पास के ढाबे में जल रहे तंदूर के धुएं से उनको परेशानी हो रही है। शिकायत के बाद दो दिन पूर्व नगर निगम के जिम्मेदार शिकायत का निस्तारण करने पहुंचे और तंदूर को जब्त कर लिया। हालांकि कार्रवाई के दौरान आसपास के ढाबों पर दर्जनों तंदूर सुलगते रहे लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी का कहना है कि शिकायत के बाद टीम मौके पर पहुंची थी। अतिक्रमण पाया और तंदूर को जब्त कर लिया गया है।