कृष्णानगर डाकघर में हुए 76.8 लाख के घपले में अब प्रवर डाक अधीक्षक (एसएसपी) आरएन यादव पर भी गाज गिर गई है। उनसे चार्ज छीनकर वाराणसी से ट्रांसफर होकर आए संतराम दुबे को नया अधीक्षक बनाया गया है।
कृष्णानगर डाकघर में हुए 76.08 लाख की मोटी रकम के घपले में पर्त दर पर्त खुलने लगी हैं। ऑडिट के बाद पकड़ में आए घपले की जांच कर रही आगरा परिक्षेत्र की पोस्ट मास्टर जनरल मनीषा सिन्हा की रिपोर्ट पर प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव की इसमें लापरवाही पाई गई।
इसके चलते उन्हें यहां से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जिससे की जांच निष्पक्षता से हो सके। बताया जा रहा है कि लिपिक सचिन अग्रवाल का कृष्णानगर डाकघर पर ट्रांसफर प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव ने ही किया था। गाज गिरने की खबर से डाक कर्मियों और अफसरों में हड़कंप मच गया है। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। संभावना जताई जा रही है कि इस घपले में और भी नप सकते हैं।
आरएन यादव पर था अतिरिक्त प्रभार
प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव की तैनाती इटावा में थी, लेकिन मथुरा का भी अतिरिक्त प्रभार उन पर था। चर्चा है कि लिपिक सचिन अग्रवाल को कृष्णानगर डाकघर भेजने का निर्णय प्रवर डाक अधीक्षक का था। इतना बड़ा घपला करने वाला लिपिक अभी तक पुलिस और विभाग की नजरों से दूर है।
जांच टीम ने लिए बाबुआें के बयान
76.08 लाख की मोटी रकम के घपले के मामले में सहायक अधीक्षक वीके गुप्ता, इंस्पेक्टर सुभाष ने बाबुओं से बयान लिए। जांच टीमों ने मुख्य डाकघर, सदर बाजार, छाता आदि स्थानों पर डाकघर में लिपिक सचिन अग्रवाल के सेविंग खातों से निकाली गई धनराशि का ब्यौरा भी लिया। मामले में मंडलीय अफसरों के राडार पर अभी मथुरा के कई अफसर और कर्मचारी हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही दिल्ली से टीम आकर कार्रवाई कर सकती है।
अभिषेक को नहीं किया रिलीव
76.08 लाख की मोटी रकम का घपला करने वाले सचिन अग्रवाल को प्री-प्लान कृष्णानगर डाकघर भेजा गया, जबकि इस पटल के लिए अभिषेक पाराशर का स्थानांतरण हो चुका था। बताया जा रहा है कि प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव ने मुख्य डाकघर से अभिषेक को रिलीव नहीं किया। उसकी जगह लिपिक सचिन को कृष्णानगर डाकघर भेजा गया।