मथुरा। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ा गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 152 से बढ़कर 172 माइक्रोग्राम तक पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने परेशानी हुई। साथ ही उन्होंने आंखों में जलन महसूस की। वहीं, वातावरण में धुंध छाई रही। वहीं, नगर निगम ने प्रदूषण की चिंता जनक स्थिति को देखते हुए अपने सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
जिले में बुधवार को जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 152 से 168 माइक्रोग्राम प्रति क्यूब था, वहीं, गुरुवार को यह बढ़कर 172 तक पहुंच गया। इससे पूरे दिन वातावरण में कोहरे जैसी स्थिति बनी रही।
इसका असर महानगर के हर तिराहे चौराहे पर नजर आया। धुंध के चलते दृष्यता सामान्य से कम रही। टैंक चौराहा, मुर्गा फाटक फ्लाई ओवर, रेलवे जंक्शन स्थित रेलवे ओवर ब्रिज, जयगुरुदेव फ्लाईओवर, टाउनशिप स्थित फ्लाईओवर, रिफाईनरी फ्लाईओवर, गोवर्धन चौराहा फ्लाई ओवर, गोकुल रेस्टोरेंट फ्लाईओवर पर धुंध से दृष्यता सामान्य से कम रही। यमुना पर तो और भी ज्यादा स्थिति खराब नजर आई।
इससे बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी नजर आई। चालकों ने भी वाहन चलाते वक्त सावधानी बरती। लोगों को इससे सांस लेने में परेशानी हुई तो आंखों में जलन का अहसास हुआ। कई लोगों ने डॉक्टर के यहां जाकर इलाज कराया। बदलते मौसम व एनसीआर में बढ़े प्रदूषण की हवा आने से यहां भी प्रदूषण बढ़ रहा है। धुंध रहने से भी प्रदूषित हवा ऊपर नहीं उठ पा रही है।
डॉ. अरविंद कुमार
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
पराली जलाने पर अंकुश नहीं
मथुरा। धान की कटाई पिटाई के बाद अब रबी की फसल बुवाई को खेती खाली करने की जल्दी में किसान लगातार पराली जला रहे हैं। सेटेलाइट से मिल रही सूचनाओं पर अफसर पराली जलाने से रोकने को खेतों में नहीं पहुंच रहे।
दफिन भर आकाश में छाई रही धुंध।- फोटो : MATHURA