मथुरा। क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त गोरक्षक बाबा चंद्रशेखर महाराज के निधन के बाद स्थानीय राजनीति में भी दो गुटों की आपसी खींचतान भी सामने आई है। एक गुट ने जहां बवाल को हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी तो दूसरे गुट ने सुलह समझौते की कोशिशों में लगा रहा। कोई भी बाबा के समर्थकों को नाराज नहीं करना चाहता था, लेकिन अब पुलिस ने बाबा से जुड़े कुछ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करके जेल भेजा है। ऐसे में स्थानीय राजनीति फिर से गरमा सकती है।
बरसाना के आजनौंख स्थित गोशाला संचालक फरसा वाले बाबा खासे लोकप्रिय थे। जहां आम जनता उन्हें पसंद करती थी तो वहीं इलाके के राजनीतिज्ञ भी उन्हें सम्मान देते थे। उनकी मौत के बाद जिस तरह से बवाल हुआ और इसके बाद बाबा के अंतिम संस्कार तक गतिरोध बना रहा। उसके पीछे भी स्थानीय राजनीति के दो गुटों के बीच की प्रतिद्वंद्विता को देखा जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। बाबा के कुछ समर्थकों को भी संगीन धाराओं में जेल भेजा गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों में पुलिस की इस कार्रवाई से डर पैदा हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल रहे लोगों को डर सता रहा है कि कहीं पुलिस की जांच की आंच उन तक नहीं पहुंच जाए। ऐसे में वह स्थानीय नेताओं की शरण में पहुंच गए हैं। पुलिस ने अभी तक बवाल में 20 आरोपियों को जेल भेजा है, लेकिन तमाम अज्ञात भी शामिल हैं, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है। गोसेवकों पर कार्रवाई को लेकर जनप्रतिनिधि बैठक कर सकते हैं। हिंदूवादी संगठनों के नेताओं का भी मानना है कि इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की जगह बाहरी लोगों का हाथ रहा है। ऐसे में गोसेवकों पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।